बमौरी थाना क्षेत्र से नाबालिग बालक के लापता होने के मामले में पुलिस की सक्रिय कार्यवाही
*मात्र 36 घंटे में बालक को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील, मानवीय एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों एवं महिलाओं से संबंधित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए इन मामलों में लगातार प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में बमौरी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालक के लापता होने के मामले में सक्रियता का परिचय देते हुए बालक को मात्र 36 घंटे के भीतर ही सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिजनों से मिला दिया है ।
गौरतलब है कि दिनांक 22 जुलाई 2026 को जिले के बमौरी थाने पर एक पिता द्वारा अपने 14 वर्षीय नाबालिग लड़के के लापता होने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिसकी रिपोर्ट पर से पुलिस ने थाने पर तत्काल अपराध क्रमांक 176/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालक की खोजबीन प्रारंभ की गई ।
नाबालिग बालक के लापता होने की घटना को पुलिस द्वारा गंभीरता से लेते हुए बमोरी थाना पुलिस द्वारा बालक की तलाश हेतु अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए विभिन्न तकनीकी संसाधनों एवं साइबर विश्लेषण की सहायता से बालक की सभी संभावित स्थानों पर सतत खोजबीन की गई । जिसके परिणामस्वरूप आज दिनांक 24 जुलाई 2026 को बालक के संबंध में जानकारी मिलने पर बमौरी थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए अंतत: लापता बालक को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कार्यवाही उपरांत बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
बमौरी थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया, उपनिरीक्षक महेश लकडा, प्रधान आरक्षक बालस्वरुप धाकड, प्रधान आरक्षक प्रदीप धाकड(थाना कैंट) एवं आरक्षक महेन्द्र पटेलिया की विशेष भूमिका रही है ।
