गांजा तस्करों को मिली दस साल की सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
धमतरी - पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार की प्रभावी मॉनिटरिंग , वैज्ञानिक विवेचना एवं मजबूत साक्ष्य प्रस्तुतिकरण से गांजा तस्करी मामले में धमतरी पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता हासिल हुई है। प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने प्रकरण में दो आरोपियों को दस - दस वर्ष के सश्रम कारावास और एक - एक लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। वहीं उत्कृष्ट अनुसंधान करने वाले विवेचना अधिकारी सउनि. रामकृष्ण साहू को धमतरी पुलिस अधीक्षक ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पुलिस मीडिया समूह से इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार जिले में पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में अवैध गांजा , मादक पदार्थ , अवैध शराब एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा , वैज्ञानिक अनुसंधान तथा मजबूत साक्ष्य संकलन के परिणामस्वरूप अपराधियों को न्यायालय से कठोर दण्ड दिलाने में लगातार सफलता मिल रही है। इसी कड़ी में विगत वर्ष 09 जनवरी 2024 को थाना बोराई पुलिस द्वारा थाना के सामने बैरियर नाका पर वाहन चेकिंग के दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही मारुति ज़ेन एलएक्स कार क्रमांक एमपी 20 एफए 2513 को संदेह के आधार पर रोककर तलाशी ली गई। वाहन की डिक्की एवं बीच की सीट में रखी तीन प्लास्टिक बोरियों से 53 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। वाहन में सवार तोषण विश्वकर्मा उर्फ राजा निवासी जिला सतना (मध्यप्रदेश) तथा विजय विश्वकर्मा निवासी जिला रीवा (मध्यप्रदेश) गांजा के परिवहन एवं वाहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 53 किलोग्राम गांजा , मारुति कार , दो मोबाइल फोन एवं नकद राशि सहित कुल 11,10,800 रूपये मूल्य की संपत्ति विधिवत जप्त की। दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 01/2024 धारा 20(B)(ii)(C) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
माननीय न्यायालय का निर्णय -
प्रकरण में धमतरी पुलिस द्वारा की गई निष्पक्ष , वैज्ञानिक एवं सुदृढ़ विवेचना तथा न्यायालय में प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुये प्रत्येक को दस - दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक - एक लाख रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। यह निर्णय मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के लिये स्पष्ट संदेश है कि धमतरी पुलिस की प्रभावी कार्यवाही एवं सशक्त अनुसंधान के सामने ऐसे अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचना संभव नही है।
दोष सिद्ध आरोपीगण -
तोषण विश्वकर्मा उर्फ राजा पिता शारदा प्रसाद विश्वकर्मा उम्र 32 वर्ष निवासी - वार्ड क्रमांक-15 गाजन , थाना - रामपुर बघेलान , जिला - सतना (मध्यप्रदेश) और विजय विश्वकर्मा पिता रामजी विश्वकर्मा उम्र 36 वर्ष निवासी - रतहरी , थाना - सिविल लाइन , जिला - रीवा (मध्यप्रदेश)।
एसपी ने किया विवेचना अधिकारी को पुरस्कृत -
उक्त प्रकरण की तत्कालीन विवेचना अधिकारी सउनि. रामकृष्ण साहू द्वारा अत्यंत सूक्ष्मता , दक्षता एवं पेशेवर तरीके से की गई। उनके द्वारा संकलित मजबूत साक्ष्यों एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के आधार पर न्यायालय से आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने उत्कृष्ट विवेचना एवं प्रभावी साक्ष्य संकलन के लिये तत्कालीन विवेचना अधिकारी सउनि० रामकृष्ण साहू को 500 रूपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं वैज्ञानिक विवेचना ही अपराधियों को न्यायालय से कठोर दण्ड दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विवेचना अधिकारियों को भविष्य में भी इसी प्रकार प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जायेगा। धमतरी पुलिस अवैध मादक पदार्थों , अवैध शराब एवं अन्य अवैध कारोबारों के विरुद्ध आगे भी इसी दृढ़ता से अभियान जारी रखते हुये प्रभावी अनुसंधान एवं सशक्त साक्ष्यों के माध्यम से अपराधियों को न्यायालय से कठोरतम दणड दिलाने के लिये प्रतिबद्ध है।
