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थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को मिले जीवन की नई उम्मीद, शिविर की तैयारियां चेकलिस्ट के अनुसार हों, अधिकतम बच्चे हों लाभान्वित : कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल

 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को मिले जीवन की नई उम्मीद, शिविर की तैयारियां चेकलिस्ट के अनुसार हों, अधिकतम बच्चे हों लाभान्वित : कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल



गुना, 


कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा गुना द्वारा थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए 05 अगस्‍त की शाम से 6 अगस्त 2026 तक जिला चिकित्सालय स्थित रेडक्रॉस भवन में विशेष निशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में मेदांता फाउंडेशन, गुरुग्राम (दिल्ली) से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों का परीक्षण कर बोन मैरो ट्रांसप्लांट की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।


कलेक्टर श्री कन्याल ने शिविर की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह शिविर केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि जिले के अधिक से अधिक पात्र थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि शिविर की सभी तैयारियां निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार समय पर पूर्ण की जाएं तथा प्रत्येक संभावित हितग्राही की पूर्व स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिविर स्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों (वॉलेंटियर्स) की तैनाती करने तथा आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश भी दिए।


बैठक में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी देते हुए बताया शिविर में केवल 12 वर्ष से कम आयु के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की जांच की जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों की चिकित्सकीय जांच एवं परामर्श के बाद यह निर्धारित किया जाएगा कि संबंधित बच्चा बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त है या नहीं। चयनित बच्चों के उपचार की आगे की प्रक्रिया मेदांता फाउंडेशन, गुरुग्राम के माध्यम से निशुल्क कराई जाएगी। सामान्यतः इस उपचार पर 20 से 25 लाख रुपये तक का व्यय आता है।


शिविर के सफल संचालन के लिए बाहर से आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों के ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई है। दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले परिवारों के लिए 5 अगस्त की शाम से मानस भवन में निशुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मुख्य जांच एवं परामर्श का कार्य 6 अगस्त को प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा।


आयोजकों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चे के उपचार से संबंधित सभी पुराने चिकित्सकीय अभिलेख, जांच रिपोर्ट, ब्लड ग्रुप रिपोर्ट, ब्लड ट्रांसफ्यूजन रिपोर्ट, एचपीएलसी (HPLC) रिपोर्ट, आयुष्मान कार्ड, बीपीएल अथवा मजदूर कार्ड, आय प्रमाण पत्र तथा बच्चे के पहचान संबंधी दस्तावेज साथ लेकर आएं। साथ ही पीड़ित बच्चे के माता-पिता एवं दो सगे भाई-बहनों की उपस्थिति भी जांच प्रक्रिया के लिए आवश्यक रहेगी।


भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना तथा ऐसे बच्चों की पहचान करना है जिन्हें बोन मैरो ट्रांसप्लांट के माध्यम से स्थायी उपचार का लाभ मिल सकता है।


थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता भी आवश्यक


विशेषज्ञों के अनुसार थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो मुख्यतः अल्फा एवं बीटा प्रकार का होता है। गंभीरता के आधार पर इसे थैलेसीमिया मेजर, इंटरमीडिया तथा माइनर (ट्रेट) श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों को नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। समय पर उपचार एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट से ऐसे बच्चों को सामान्य जीवन प्रदान किया जा सकता है।


शिविर से संबंधित जानकारी एवं पंजीयन के लिए भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों डॉ . रामबीर सिंह रघुवंशी (सचिव रेडक्रॉस समिति) 9425135773, श्री आशीप मंगल (पदाधिकारी रेडक्रास) 9755711111 श्री चन्द्रेश जैन (पदाधिकारी रेडक्रॉस) 8359999887, श्री विकास सोनी (पदाधिकारी रेडक्रॉस) 9826250884 एवं संबंधित चिकित्सकों से संपर्क किया जा सकता है।


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