सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को जनआंदोलन बनाकर करें कार्य : कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप गठित मल्टी-टायर्ड मॉनिटरिंग टास्क फोर्स करेगी नियमित समीक्षा, प्रतिभागियों के सुझावों पर होगा अमल
गुना
जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) को प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाने के लिए कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को जनआंदोलन का स्वरूप देने, घर-घर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप गठित मल्टी-टायर्ड मॉनिटरिंग टास्क फोर्स द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी अमल करने के निर्देश दिए गए।
जनभागीदारी से ही सफल होगा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी नगरीय निकायों, विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए, जिससे प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर इसमें सक्रिय भूमिका निभाए।
टास्क फोर्स करेगी नियमित मॉनिटरिंग
बैठक में बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा-5 के अंतर्गत जिले में मल्टी-टायर्ड मॉनिटरिंग टास्क फोर्स का गठन किया जाना है। यह समिति ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी तथा प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बैठक आयोजित कर प्रगति की समीक्षा करेगी। आवश्यकता अनुसार विकासखंड एवं वार्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
घर-घर कचरा पृथक्करण पर दिया जोर
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की शुरुआत घर-घर स्तर पर कचरे के पृथक्करण से होनी चाहिए। प्रत्येक परिवार गीले, सूखे एवं ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) को अलग-अलग एकत्रित करने की आदत विकसित करे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ई-वेस्ट एक बड़ी चुनौती बनेगा, इसलिए इसके वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में अभी से कार्य करना आवश्यक है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के निर्देश
कलेक्टर ने सभी विभागों को स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथिन के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने तथा उनके स्थान पर बायोडिग्रेडेबल बैग, पेपर बैग एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यक्रमों में कांच के गिलास एवं कांच की बोतलों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाए।
पॉलीथिन उपयोग पर दंडात्मक कार्रवाई जारी
बैठक में बताया गया कि पॉलीथिन के उपयोग पर पहली बार उल्लंघन करने पर एक हजार रुपये तथा दोबारा उल्लंघन करने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। हाल ही में पॉलीथिन का परिवहन कर रहे एक ट्रक पर लगभग 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और सफाई मित्रों की सुरक्षा पर विशेष जोर
कलेक्टर ने कहा कि धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने सफाई मित्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक के दौरान जिले के विभिन्न नगरीय निकायों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक दुबे, अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन,सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में अपने सुझाव दिए।
