कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा की
आभा आईडी, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, आयुष्मान भारत योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीबी उन्मूलन अभियान, नियमित टीकाकरण, आभा आईडी निर्माण, पोषण पुनर्वास, मलेरिया नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा तथा स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री दिनेश चंदेल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.आर. माथुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), समस्त विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं का लाभ समय पर प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग कर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आभा आईडी निर्माण में अभियान चलाने के निर्देश
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने आभा आईडी निर्माण की प्रगति के दौरान अभियान चलाकर अधिक से अधिक पात्र नागरिकों की आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था अपने क्षेत्र में विशेष शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत पात्र नागरिकों की आभा आईडी तैयार कराए, ताकि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सभी तक पहुंच सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर दिया जोर
बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2026 के अनुसार जिले की अनुमानित जनसंख्या 16 लाख 23 हजार 266 है। जिले में एक जिला चिकित्सालय, एक सिविल अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 11 संजीवनी क्लीनिक तथा 158 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक दवाइयों, उपकरणों एवं चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समय पर प्राप्त हों।
हाई रिस्क गर्भवतियों की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि सभी हाई रिस्क गर्भवतियों की नियमित ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग की जाए। एनीमिया से प्रभावित महिलाओं का समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं नियमित टीकाकरण में शत-प्रतिशत उपलब्धि के निर्देश
सिकल सेल स्क्रीनिंग अभियान के अंतर्गत 7 हजार 151 गर्भवती महिलाओं में से 4 हजार 324 की जांच किए जाने की जानकारी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शेष पात्र गर्भवती महिलाओं की भी शीघ्र स्क्रीनिंग पूर्ण की जाए। यू-विन पोर्टल के माध्यम से नियमित टीकाकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा अथवा गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य कर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें।
आरबीएसके के माध्यम से बच्चों का समय पर उपचार कराने के निर्देश
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल से जून 2026 के दौरान 149 बच्चों की विभिन्न जन्मजात एवं गंभीर बीमारियों की सफल सर्जरी कराई गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी स्तर पर बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच जारी रखी जाए तथा चिन्हित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 336 उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया, जिसके तहत 22 हजार 663 एक्स-रे एवं 11 हजार 442 एनएएटी जांचें की गईं। निक्षय मित्र योजना के माध्यम से 310 टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराई गई। कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उपचार प्रारंभ किया जाए। निक्षय मित्र योजना का दायरा बढ़ाते हुए अधिक से अधिक टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
मलेरिया नियंत्रण में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश
मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को देखते हुए मलेरिया एवं डेंगू नियंत्रण गतिविधियों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित सर्वे, लार्वा नियंत्रण एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किए जाएं।
आयुष्मान कार्ड से प्रत्येक पात्र परिवार को जोड़ने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में 8 लाख 27 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 102.52 प्रतिशत है। इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि जिन पात्र परिवारों के कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनका शीघ्र पंजीयन कराया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाया जाए।
निर्माण कार्य समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश
बैठक के अंत में स्वास्थ्य विभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री कन्याल ने नवीन उप स्वास्थ्य केंद्रों, 150 बिस्तरीय एमसीएच भवन, सीएचओ आवास, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं। निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी होने पर संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध हो सकें।
