कादीपुर एंक्लेव में निगम की अनदेखी: समाजसेविका राजबाला यादव 'रोजी' और आरडब्ल्यूए प्रधान श्याम सुंदर यादव ने खुद उठाया झाड़ू, चलाया स्वच्छता अभियान
गुरुग्राम। नगर निगम के दावों और हकीकत के बीच का अंतर कादीपुर एंक्लेव में साफ देखा जा सकता है। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की घोर अनदेखी और जगह-जगह पसरी गंदगी से त्रस्त होकर अब स्थानीय निवासियों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में समाजसेविका राजबाला यादव "रोजी" और स्थानीय आरडब्ल्यूए के प्रधान श्याम सुंदर यादव ने अपनी टीम व क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर गली-मोहल्लों में एक वृहद स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने खुद झाड़ू लगाई और गलियों में जमा कूड़ा-कचरा साफ किया। अभियान के दौरान निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।
*15 महीने बीते, लेकिन नहीं बदले हालात*
समाजसेविका राजबाला यादव और आरडब्ल्यूए प्रधान श्याम सुंदर यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि नगर निगम चुनाव संपन्न हुए करीब 15 महीने का समय बीत चुका है। इलाके के नवनिर्वाचित मेयर और पार्षद अपनी-अपनी जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं, लेकिन कादीपुर एंक्लेव की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब से नगर निगम का गठन हुआ है, तभी से इस क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का भारी अभाव रहा है।
*कर्मचारियों का कोई पता नहीं, खुद कूड़ा फेंकने को मजबूर जनता*
नेतृत्वकर्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सफाई कर्मचारी कब आते हैं और कब जाते हैं, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं होती। नियमित सफाई के अभाव में गलियों और मोहल्लों में हर तरफ गंदगी फैली रहती है, जिससे बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि जो काम नगर निगम के कर्मचारियों का है, वह अब आम जनता को करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासी अब विवश होकर स्वयं अपनी गलियों की सफाई करते हैं और खुद ही कूड़ा-कचरा उठाकर डंपिंग पॉइंट तक फेंकने जाते हैं। स्थानीय लोगों ने इस स्वच्छता अभियान के माध्यम से नगर निगम के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को नींद से जगाने का प्रयास किया है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि जल्द से जल्द कादीपुर एंक्लेव में नियमित सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए और कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था हो, ताकि उन्हें इस नारकीय स्थिति से स्थायी निजात मिल सके।
