जन समुदाय आकाशीय बिजली/वज्रपात आदि आपदाओं से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी
गुना
वर्तमान में वर्षा ऋतु के आगमन पर आकाशीय बिजली/वज्रपात जैसे प्राकृतिक आपदाओं की प्रायः अधिकता परिलक्षित होती है। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आमजन को आकाशीय बिजली/वज्रपात जैसे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हेतु निम्नानुसार एडवाइजरी जारी की जाती है।
आकाशीय बिजली/वज्रपात से बचने हेतु क्या करें एवं क्या न करें (Do's and Don'ts)
बिजली का प्रवाह करने वाली सामग्री से दूर रहें, जैसे धातु का मचान, धातु के उपकरण, पानी के पाइप या प्लंबिंग सहित बिजली का संचालन करने वाली सामग्री अथवा सतहों के संपर्क से बचें। ऊँची अधोसंरचनाएँ, पहाड़ी, टेकरी, बिजली के खंभे, टेलीफोन के खंभे, ऊँचे पेड़, छत, मचान, धातु की सीढ़ी, बड़े मशीन जैसे बुलडोजर, क्रेन, ट्रैक्टर जैसे वाहनों से दूर रहें। विस्फोट संभावित क्षेत्रों तथा उद्योग स्थलों से तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर प्रस्थान करें।
धातुयुक्त वाहनों से विद्युत का प्रवाह संभावित होने के कारण यथाशीघ्र साइकिल, दोपहिया वाहन अथवा वाहनों से तुरंत उतरकर किसी सुरक्षित स्थान पर जाएँ। प्रायः एक ही स्थान पर कई बार वज्रपात होने की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए ऊँची नुकीली संरचनाओं/पेड़ों से दूर रहें।
बिजली कड़कने पर सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाएँ एवं इन्हें पावर प्लग से अलग कर दें, ताकि मुख्य सप्लाई से बिजली प्रवाहित न हो। तूफान के दौरान एवं अत्यधिक बिजली चमकने पर घरेलू अथवा कार्यालयीन विद्युत उपकरणों अथवा विद्युत आउटलेट से जुड़ी किसी भी चीज का उपयोग अथवा संपर्क करने से बचें।
बिजली का प्रवाह किसी भी इलेक्ट्रिकल सिस्टम, रेडियो तथा टेलीविजन रिसेप्शन सिस्टम, कंक्रीट की दीवारों अथवा फर्श में धातु के तारों के माध्यम से हो सकता है। अतः घर/कार्यालय में समुचित विद्युत अर्थिंग सुनिश्चित करें।
खुली खिड़की-दरवाजे अथवा धातु की ग्रिल के संपर्क से बचें तथा इनके पास खड़े न रहें। बिजली चमकने पर यथाशीघ्र बंद इमारत, भवन या वाहन के अंदर जाने का प्रयास करें तथा ट्रैक्टर, रिक्शा, मोटरसाइकिल जैसे खुले वाहनों के उपयोग से बचें।
लोहे की छप्पर, खुली पार्किंग, निर्माणाधीन भवन तथा खुले बरामदे सुरक्षित शरण स्थल नहीं हैं।
यथासंभव पेड़ों के नीचे शरण न लें। खेत, जंगल या खुले स्थान पर होने की स्थिति में छोटे झाड़ियों का आश्रय लें। यदि आश्रय तक नहीं पहुँच पाएँ और आसपास कोई भवन न हो, तो खुले स्थान पर सबसे ऊँची वस्तु बनने से बचें। ऐसी स्थिति में कानों को ढककर, घुटनों के बीच सिर रखकर, दोनों एड़ियों को मिलाकर उकड़ूँ बैठ जाएँ। जमीन पर न लेटें।
रबर के जूते-चप्पल पहने होने पर भी पानी में न रहें तथा पानी के गड्ढों से दूर रहें। बिजली प्रवाह की संभावना के कारण धातु की पाइपलाइन से दूरी बनाएँ।
छोटे बच्चों एवं वृद्ध व्यक्तियों को बारिश में बाहर न छोड़ें। आकाशीय बिजली/वज्रपात की गर्जना सुनाई देने पर न्यूनतम 30 मिनट तक सुरक्षित स्थान पर बने रहें। आपातकालीन स्थिति में वज्रपात पीड़ित व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दें, 108 एम्बुलेंस बुलाएँ तथा तत्काल अस्पताल ले जाएँ।
