जिसके पास माल है वह जरूरतों के पीछे दौड़ रहा है। मुनि श्रमण सागर जी
राघौगढ़ में श्रमण धारा प्रवचन माला का भविष्य शुभारंभ।
राघौगढ़ 20 जुलाई। आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के सुयोग्य एवं परम प्रभावक शिष्य बुंदेली कवि मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने आचार्य विद्यासागर भवन राघौगढ़ में भारी जल समूह के बीच मंगल प्रवचन करते हुए कहा जिसके पास माल है वह जरूरतों के पीछे दौड़ रहा है तथा जिसके पास माला है जरूरतें उसके पीछे दो पीछे दौड़ रही हैं। आपने यह भी कहा जिसके पास माला है वह सही अर्थों में मालामाल है। मुनि श्री श्रमण सागर जी एवं ओंकार सागर जी महाराज का चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश कल राघौगढ़ नगर में हुआ है। आज प्रातः मुनि संघ के पावन सानिध्य में आचार्य विद्यासागर जी महाराज की पूजन भक्ति भाव से हुई तत्पश्चात मुनि श्रमण सागर जी महाराज के मंगल प्रवचनों की श्रृंखला श्रमण धारा का भव्य शुभारंभ हुआ। आज के मंगल प्रवचन जाप देकर भगवान की आराधना करने पर केंद्रित था। आपने कहा हम बिना किसी मनोकामना एवं स्वार्थ के माला के माध्यम से भगवान का स्मरण करते हैं तो निश्चित ही हमें दुखों से मुक्ति मिलेगी एवं शांति मिलेगी।
मुनि संघ के पावन सानिध्य में आयोजित दैनिक धार्मिक कार्यक्रमों का विवरण श्री दिगंबर जैन समाज राघौगढ़ द्वारा जारी कर दिया गया है प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राप्त 6:45 बजे से युवाओं की मेडिटेशन क्लास 7:00 बजे से श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर राघौगढ़ पर सामूहिक अभिषेक एवं शांति धारा 8:20 बजे से आचार्य विद्यासागर जी महाराज की सामूहिक पूजन, 8:30 बजे से मुनि श्रमण सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन, प्रातः 10:00 बजे मुनि श्री की आहारचर्या, दोपहर 3:00 बजे से महिलाओं की जैन ग्रंथ स्वयंभू स्तोत्र पर क्लास, अपराह्न 4:00 बजे से मुनि ओंकार सागर जी के सानिध्य में जैन ग्रंथ तत्वार्थ सूत्र पर महिलाओं की क्लास, शाम 6:15 बजे से आचार्य भक्ति, शाम 6:30 बजे से हाईकू पर मुनि श्री की क्लास लगेगी।
