नाइट आउट मॉक ड्रिल के माध्यम से परखी गई जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियां
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में राहत, बचाव एवं समन्वय व्यवस्था का हुआ व्यापक अभ्यास
गुना
जिले में किसी भी आपदा की
स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार शाम नाइट आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल की उपस्थिति में आयोजित इस मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्य, संचार व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा आपसी समन्वय का व्यापक परीक्षण किया गया।
अंधेरे में आपदा प्रबंधन क्षमता का किया गया परीक्षण
नाइट आउट मॉक ड्रिल के दौरान रात्रिकालीन परिस्थितियों का वास्तविक वातावरण तैयार करने के लिए संबंधित क्षेत्र की सभी लाइटें बंद कर दी गईं। इसके बाद एक झोपड़ी में आग लगने की काल्पनिक घटना निर्मित की गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस एवं राहत-बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे। सायरन के माध्यम से लोगों को सतर्क किया गया तथा घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हुए अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इस दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों एवं अन्य आपदा प्रबंधन संसाधनों की कार्यक्षमता भी परखी गई।
यातायात नियंत्रण एवं सुरक्षित निकासी का हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित मार्गों पर अस्थायी रूप से यातायात रोका गया। प्रभावित क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित स्थान एवं राहत शिविर तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। कंट्रोल रूम एवं विभिन्न विभागों के बीच सतत सूचना आदान-प्रदान कर संचार व्यवस्था तथा विभागीय समन्वय की प्रभावशीलता का भी परीक्षण किया गया।
मीडिया समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित
मॉक ड्रिल के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के लिए पत्रकार दीर्घा की व्यवस्था की गई, ताकि अभ्यास से संबंधित प्रमाणिक एवं समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन, संयुक्त कलेक्टर श्री संजीव खेमरिया, एसडीएम श्रीमती शिवानी पांडेय, जिला कमांडेंट होमगॉर्ड श्री राजकुमार पथरोल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
