जामनेर में स्टेशनरी दुकान से नगदी रूपये चोरी के मामले में पुलिस की तत्पर कार्यवाही
*मात्र 48 घंटे में चोरी का खुलासा कर आरोपी किया गिरफ्तार, चोरी हुए नगदी रूपये बरामद*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मागदर्शन एवं डीएसपी मुख्यालय और प्रभारी एसडीओपी श्री जमीलउद्दीन सिद्दकी के पर्यवेक्षण में जामनेर थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज मेहरा और उनकी टीम द्वारा थानांतर्गत स्टेशनरी की दुकान से नगदी रूपये चोरी की घटना का मात्र 48 घंटे में सफल खुलासा करते हुए आरोपी गिरफ्तार कर चोरी हुई नगद राशि बरामद की गई है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 17 जुलाई 2026 को फरियादी सौरभ जैन निवासी ग्राम जामनेर के द्वारा जामनेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 15 जुलाई 2026 को कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसकी स्टेशनरी की दुकान से 30 हजार रूपये नगदी चोरी कर लिए हैं, जिस पर से पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध जामनेर थाने में अपराध क्रमांक 139/26 धारा 305(ए), 331(3) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
जामनेर थाना पुलिस द्वारा चोरी के उपरोक्त प्रकरण में तत्परता से कार्यवाही करते हुए अज्ञात आरोपी की पतारसी के सघन प्रयास किए गए और इस हेतु अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए तकनीकी संसाधनों एवं सीसीटीव्ही विश्लेषण के माध्यम से अज्ञात आरोपी की सघन तलाश की, इसमें पुलिस के निरंतर सूचना संकलन एवं प्रभावी तकनीकी विश्लेषण के आधार पर शीघ्र ही चोरी में अज्ञात आरोपी की पहचान सुनिश्चत की जाकर जिसकी सरगर्मी से तलाश की गई, जिसके परिणाम स्वरूप आज दिनांक 19 जुलाई 2026 को आरोपी के संबंध में मुखबिर की सटीक सूचना पर जामनेर थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी सरवन पुत्र हरिसिंह मीना उम्र 32 साल निवासी ग्राम कान्हाखेड़ी थाना कुम्भराज जिला गुना को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से प्रकरण में चोरी 9500/-रूपये बरामद किए गए एवं शेष राशि उसने खर्च कर देना बताया ।
जामनेर थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज मेहरा, उपनिरीक्षक जगदीश जाटव, प्रधान आरक्षक बृजेश त्यागी, प्रधान आरक्षक गिरजेश मीना, प्रधान आरक्षक राकेश भील, आरक्षक गजेन्द्र गुर्जर एवं आरक्षक शिवकुमार निगम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
