मंत्री प्रतिमा बागरी जाति मामला: छानबीन समिति पर सरकार का दबाव, जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे : प्रदीप अहिरवार
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि उनकी शिकायत तथ्यों और दस्तावेजों पर आधारित है तथा जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
अहिरवार ने आरोप लगाया कि मंत्री प्रतिमा बागरी 6 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं। सीधे तौर पर दिखाई दे रहा है कि मंत्री बागरी अन्य केबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर जांच प्रभावित करने के प्रयास के लिए दवाब बना रहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई कि छानबीन समिति सरकार के दबाव में प्रतिमा बागरी के पक्ष में फैसला दे सकती है।
यदि सरकार के दबाव में जांच समिति ने फैसला दिया तो ये अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों पर कुठारघात होगा।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में निष्पक्षता नहीं बरती गई और अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों से समझौता किया गया, तो कांग्रेस कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों स्तरों पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा तथा सड़क पर उतरकर भी आंदोलन किया जाएगा।
प्रदीप अहिरवार ने कहा, "मेरी शिकायत पूरी तरह तथ्यों और दस्तावेजों पर आधारित है। यदि सरकार के दबाव में फैसला हुआ तो अंतिम सांस तक इस लड़ाई को जारी रखूंगा। अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा।"
उन्होंने मांग की कि जांच समिति बिना किसी राजनीतिक दबाव के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय दे, ताकि न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे।
