अच्छे नागरिक बनने की शुरुआत घर से करें, छोटी-छोटी आदतें ही बनाती हैं बेहतर समाज : कलेक्टर श्री कन्याल
गोविंदपुरा विद्यालय में बच्चों से संवाद, सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को उपहार, स्वच्छता, जल संरक्षण एवं कचरा पृथक्करण का दिलाया संकल्प
गुना
"देश का भविष्य केवल पढ़ाई से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने से बनता है।" इसी संदेश के साथ कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बुधवार को राघौगढ़ विकासखंड के एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय, गोविंदपुरा का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि अच्छे नागरिक बनने की शुरुआत घर से होती है। यदि हर बच्चा छोटी-छोटी अच्छी आदतों को अपने जीवन में अपनाए, तो वही आदतें आगे चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण की मजबूत नींव बनती हैं। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे ने भी बच्चों से संवाद किया। कार्यक्रम में सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप कलर क्लिप सेट भेंट किए गए तथा सभी विद्यार्थियों को खाद्य सामग्री वितरित की गई।
हर क्षेत्र में सफलता के समान अवसर
कलेक्टर श्री कन्याल ने बच्चों से पढ़ाई, खेल, नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि आज महिला और पुरुष दोनों टीमों को समान सम्मान और पहचान मिल रही है। इसलिए बेटियों और बेटों को बिना किसी भेदभाव के अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए।
छोटी आदतें ही बनाती हैं अच्छा नागरिक
संवाद के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि कितने विद्यार्थी सुबह उठकर अपना बिस्तर स्वयं व्यवस्थित करते हैं। कई विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अनुशासन की शुरुआत यहीं से होती है। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, बाथरूम को साफ रखने, जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करने तथा घर से निकलते समय अनावश्यक रूप से जल रही लाइट बंद करने जैसी आदतों को अच्छे नागरिक की पहचान बताया। विद्यार्थियों ने इन आदतों को अपनाने का संकल्प भी लिया।
प्रार्थना सभा बने संस्कारों की पाठशाला
कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि विद्यालय की प्रार्थना सभा केवल दैनिक गतिविधि न होकर बच्चों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के विकास का माध्यम बने। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रतिदिन कुछ मिनट बच्चों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, संविधान के प्रति सम्मान, यातायात नियम, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और सामाजिक दायित्व जैसे विषयों पर प्रेरक जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि ऐसे लगभग 25 विषय चिन्हित किए गए हैं, जिन पर नियमित रूप से बच्चों का मार्गदर्शन किया जा सकता है।
घर से शुरू करें स्वच्छता अभियान
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को जनआंदोलन बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपने घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था शुरू करें, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरुआत घर से होगी, तभी उसका प्रभाव पूरे समाज में दिखाई देगा।
प्रश्नोत्तरी में दिखा बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे ने बच्चों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को कलर क्लिप सेट देकर सम्मानित किया गया, ताकि वे अपनी रचनात्मकता को और विकसित कर सकें। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, पेंशन प्रकरणों के निराकरण के दिए निर्देश
विद्यालय निरीक्षण के बाद कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने ग्रामीणों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं विद्यालय में कक्षा 10वीं तक संचालन की मांग सहित अन्य विषय उनके समक्ष रखे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा अन्य मांगों का परीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे, एसडीएम श्री अमित सोनी, विद्यालय के शिक्षकगण एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी, उपस्थित थे।

