*अपराध एवं अपराधियों पर गुना पुलिस का सख्त शिकंजा*
गर्भवती महिला पर हमले के गंभीर मामले में केंट थाना पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के सशक्त एवं संवेदनशील नेतृत्व में जिले में अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाहियां की जा रही हैं । विशेष रूप से हिंसक एवं गंभीर अपराधों में पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां सुनिश्चित की जा रही है । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं प्रभारी सीएसपी गुना श्री आनंद राय के पर्यवेक्षण में केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम द्वारा थानांतर्गत गर्भवती महिला के साथ मारपीट में उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा शिशुओं की मृत्यु होने के गंभीर मामले में प्रभावी कार्यवाही करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 02 जुलाई 2026 को फरियादी बाबूलाल पुत्र गोकुल सिंह लोधा निवासी ग्राम किशनगढ़ थाना कैंट गुना की ओर से कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि जमीनी विवाद को लेकर आरोपी सोनू लोधा, कैलाश लोधा एवं बद्रीलाल लोधा ने फरियादी एवं उसके पुत्र रामस्वरूप एवं बहू के साथ अश्लील गालियां देते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की । साथ ही बहू के गर्भवती होने की जानकारी होने के बावजूद भी उनके द्वारा बहू के पेट पर लात मारकर गंभीर चोट पहुंचाई तथा जान से मारने की धमकी भी दी । जिसकी रिपोर्ट पर से आरोपीगणों के विरूद्ध कैंट थाने में अपराध क्रमांक 516/26 धारा 296(बी), 115(2), 351(2), 118(1), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
विवेचना के दौरान उपचाररत पीड़िता राजकुमारी बाई लोधा के गर्भ में पल रहे जुड़वा शिशुओं की मृत्यु होना सामने आया । जांच में यह तथ्य पाया गया कि आरोपी बद्री उर्फ बद्रीलाल द्वारा गर्भवती महिला के पेट पर मारी गई लात के कारण यह गंभीर परिणाम हुआ । उक्त तथ्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 92 का इजाफा किया गया ।
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए कैंट थाना पुलिस द्वारा प्रकरण के आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की गई और जिसके क्रम में विगत दिवस मुख्य आरोपी बद्री उर्फ बद्रीलाल पुत्र गंगाराम लोधा उम्र 38 साल निवासी ग्राम किशनगढ़ थाना केंट गुना को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया है । शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है ।
केंट थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, सउिन मिट्टूलाल बिसोरिया, प्रधान आरक्षक लखन किरार, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण यादव, आरक्षक रवि ओझा, आरक्षक महेन्द्र वर्मा, आरक्षक अंशुल रघुवंशी एवं आरक्षक सुनील शिवहरे की विशेष भूमिका रही है ।
