मृगवास थाना क्षेत्र से नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में पुलिस की सक्रिय कार्यवाही
*करीब 15 माह से अपहत नाबलिग को किया सुरक्षित दस्तयाब*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित मामलों को अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए उनकी शीघ्र दस्तयाबी हेतु निरंतर एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में मृगवास थाना पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में सक्रियता से कार्यवाही करते हुए प्रकरण में करीब 15 माह से अपहृत किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिजन से मिला दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 23 अप्रैल 2025 को एक पिता द्वारा जिले के मृगवास थाने पर अपनी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के दिनांक 06 अप्रैल 2025 की रात्रि से लापता होने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 55/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर किशोरी की तलाश प्रारंभ की गई ।
नाबालिग किशोरी के लापता होने की घटना को गंभीरता से लेकर मृगवास थाना पुलिस ने अपहृता की निरंतर तलाश की गई और इस हेतु अपना मुखबिर तंत्र विकसित किया साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद लेकर संकलित सूचनाओं के आधार पर सभी संभावित जगहों पर किशोरी को खोजने के लगातार प्रयास किए गए । जिसके परिणाम स्वरूप गत दिनांक 20 जुलाई 2026 को किशोरी के संबंध में जानकारी मिलने पर मृगवास थाना पुलिस द्वारा तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए करीब 15 माह से अपहृत किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे आज बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षया श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
मृगवास थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, सउनि केदार सिंह सगर , प्रधान आरक्षक रामकुमार रघुवंशी, प्रधान आरक्षक सोबरन सिंह, आरक्षक योगेश जाट एवं आरक्षक संदीप आर्य की सराहनीय भूमिका रही है ।
