फरार पारदी बदमाशों के विरुद्ध गुना पुलिस का सतत एवं प्रभावी अभियान
*गत वर्ष सांई मंदिर के पास हुए जानलेवा हमले के मामले में फरार दो और आरोपी गिरफ्तार*
*पूछताछ में लूट एवं चोरी के अन्य दो गंभीर अपराधों का हुआ खुलासा*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के साथ ही कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं । इसी उद्देश्य के साथ विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त, न्यायालयीन कार्यवाही से फरार एवं आदतन पारदी बदमाशों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर वैधानिक कार्यवाहियां सुनिश्चित की जा रही हैं । तो वहीं दूसरी ओर पारदी समुदाय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों को अपराध छोड़कर समाज की मुख्य धारा से जोड़े जाने एवं इस समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए "नई दिशा" अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से पात्र परिवारों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराने के सतत प्रयास भी किए जा रहे हैं ।
इसी अभियान के अंतर्गत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं प्रभारी सीएसपी गुना श्री आनंद राय के पर्यवेक्षण में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव एवं उनकी टीम ने गत वर्ष साईं मंदिर के पास हुए जानलेवा हमले के प्रकरण में करीब एक वर्ष से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है । गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान थाना क्षेत्र में घटित लूट एवं चोरी के दो अन्य गंभीर अपराधों का भी खुलासा हुआ है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 04 जून 2025 को साईं मंदिर के समीप राज पारदी, वनराज पारदी, केप्टन पारदी, देवराज पारदी, श्रवण पारदी, संतोष पारदी, किशन पारदी, सिंदवाज पारदी एवं उनके अन्य साथियों ने फरियादी कमलेश शिवहरे निवासी फुलवारी कॉलोनी, गुना के साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। इस संबंध में कैंट थाने में अपराध क्रमांक 601/25 धारा 109, 115(2), 126(2), 296, 191(3), 351(3) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था ।
प्रकरण में फरार शेष आरोपियों की तलाश के दौरान कैंट थाना पुलिस ने विगत दिवस दो और फरार आरोपियों 1. वनराज पुत्र भूपत सिंह पारदी उम्र 25 वर्ष एवं 2. देवराज उर्फ केप्टन पुत्र भूपत पारदी उम्र 26 वर्ष निवासी बूढ़े बालाजी गुना को गिरफ्तार कर लिया गया । आरोपियों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए जब उनसे अन्य मामलों में गहन पूछताछ की गई, तब उन्होंने भगत सिंह कॉलोनी में एक ही रात तीन सूने मकानों में चोरी तथा एकलव्य छात्रावास के पास बाइक सवार युवकों से लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया ।
पूछताछ में सामने आया कि दिनांक 31 मार्च 2025 की रात्रि सिंघाड़ी रोड स्थित एकलव्य छात्रावास के पास फरियादी अभिषेक किरार निवासी कालापाठा एवं उसके साथियों के साथ मारपीट कर बैग, पर्स एवं चांदी की अंगूठी लूटने तथा मोबाइल तोड़ने की घटना इन्हीं आरोपियों एवं उनके साथियों द्वारा की गई थी । इस संबंध में कैंट थाने में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 324/25 धारा 296(बी), 115(2), 109, 351(3), 191(3), 125(ए), 126(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था ।
इसी प्रकार दिनांक 3-4 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात्रि भगत सिंह कॉलोनी में पास-पास स्थित तीन सूने मकानों में नगदी एवं आभूषण चोरी होने की घटना भी इन्हीं आरोपियों द्वारा अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर की गई थी । इस संबंध में कैंट थाने में अपराध क्रमांक 213/26 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था ।
गिरफ्तारशुदा दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के सोने के 16 मोती, चांदी की एक करधनी एवं एक जोड़ पायलें बरामद की गई है । वहीं लूट एवं चोरी के दोनों मामलों में संलिप्त अन्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है । उनकी गिरफ्तारी एवं चोरी गए शेष माल की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है ।
गुना पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि फरार एवं आदतन अपराधियों के विरुद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान भविष्य में भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा । कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही करते हुए आमजन की सुरक्षा एवं अपराधमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना गुना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है ।
कैंट थाना पुलिस की इस सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक कुशल पाल, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक रामनिवास शर्मा, आरक्षक नीतेश पटेल, आरक्षक सूर्यभान जाट, आरक्षक राजू बघेल, आरक्षक शुभम रघुवंशी, आरक्षक नीलेश रघुंशी, आरक्षक राजीव रघुवंशी, आरक्षक नरेन्द्र रघुवंशी, आरक्षक अंशुल रघुवंशी, आरक्षक रवि जाट एवं आरक्षक संजय जाट का विशेष योगदान रहा है ।
