अवैध एवं अनैतिक गतिविधियों के विरूद्ध गुना पुलिस का सतत प्रहार
*क्रूरता पूर्वक गौवंश परिवहन कर रहे तस्करों पर चांचौड़ा पुलिस की सख्त कार्यवाही*
*लगभग 31 गौवंशीय पशुओं से भरा कंटेनर पकड़ा, चार आरोपी गिरफ्तार*
*फर्जी नंबर प्लेट लगाकर की जा रही थी तस्करी, करीब 28.50 लाख रुपये मूल्य का मशरूका जप्त*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में जिले में अवैध एवं संगठित अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । विशेष रूप से गौवंश तस्करी, पशु क्रूरता तथा अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध गुना पुलिस द्वारा शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है । इसी क्रम में एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में चांचौड़ा थाना पुलिस ने गौवंश की अवैध तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए एक कंटेनर से 31 गौवंशीय पशु बरामद किए, जिनमें दो मृत अवस्था में पाए गए, जबकि 29 गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित मुक्त कर गौसेवा धाम गौशाला, चांचौड़ा भेजा गया । इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर परिवहन में प्रयुक्त कंटेनर को किया गया ।
दिनांक 31 जुलाई 2026 को बीनागंज पुलिस चौकी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक कंटेनर में बड़ी संख्या में गौवंशीय पशुओं को क्रूरतापूर्वक भरकर पैंची बायपास की ओर से बीनागंज कस्बे की ओर लाया जा रहा है । सूचना को गंभीरता से लेते हुए बीनागंज चौकी से तत्काल पुलिस की एक टीम रवाना हुई घेराबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोककर उसकी तलाशी ली । तलाशी के दौरान कंटेनर के भीतर अत्यंत अमानवीय परिस्थितियों में 31 गौवंशीय पशु ठूंस-ठूंसकर भरे हुए मिले । कंटेनर में सबार चार व्यक्तियों को हिरासत में लेकर नाम पता पूछने पर उनके द्वारा अपने नाम 1. इकबाल पुत्र यासीन अली (30 वर्ष), 2. सद्दाम हुसैन पुत्र बाबू खां (33 वर्ष), 3. साजिद पुत्र आमीन खां (25 वर्ष) एवं 4. रसीद मोहम्मद पुत्र कमरूद्दीन (40 वर्ष), निवासीगण डिग्गी इस्लामपुर, जिला टोंक (राजस्थान) के बताए ।
पुलिस द्वारा कंटेनर से सभी गौवंशीय पशुओं को बाहर निकाला गया, जिनमें दो पशु मृत अवस्था में मिले, जबकि शेष 29 जीवित गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित गौसेवा धाम गौशाला, चांचौड़ा भेजा गया । जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कंटेनर पर लगी नंबर प्लेट संदिग्ध थी । चेसिस नंबर के सत्यापन में वाहन का वास्तविक पंजीयन क्रमांक अलग पाया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसकी वास्तविक पहचान छिपाने का प्रयास किया गया था । उक्त मामले में चारों आरोपियों के विरुद्ध चांचौड़ा थाना में अपराध क्रमांक 221/26, मध्यप्रदेश पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 9, मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 11(1)(घ) तथा धारा 340(2) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्यवाही की गई ।
इस कार्यवाही में पुलिस द्वारा लगभग 3.50 लाख रुपये मूल्य के 29 जीवित गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित मुक्त कराया गया, वहीं तस्करी में प्रयुक्त करीब 25 लाख रुपये मूल्य का कंटेनर भी जप्त किया गया । कार्यवाही में कुल मिलाकर लगभग 28.50 लाख रुपये मूल्य का मशरूका पुलिस द्वारा बरामद किया है ।
प्रकरण की विवेचना जारी है । पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गौवंश को कहां से लाया गया था, किस स्थान पर ले जाया जा रहा था तथा इस अवैध तस्करी के पीछे सक्रिय अन्य व्यक्तियों एवं संगठित नेटवर्क की क्या भूमिका है । जांच के आधार पर संबंधित अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी ।
गुना पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि गौवंश की अवैध तस्करी, पशु क्रूरता तथा अन्य संगठित अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा । जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ऐसी कठोर एवं सतत कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी ।
इस सराहनीय कार्यवाही में बीनागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, प्रधान आरक्षक सुनील रघुवंशी, आरक्षक शिव प्रताप, आरक्षक मोनू करारे, आरक्षक अजय समाधिया, आरक्षक नवदीप शर्मा, आरक्षक संजय सोलंकी, आरक्षक राजू एवं आरक्षक विकास राजावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
