राघौगढ़ में श्रमण धारा प्रवचन माला
हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए आवश्यक गुण होना चाहिए।
राघौगढ़ में मुनि संघ के पावन सानिध्य में पारसनाथ निर्माण दिवस धर्म प्रभावना से मनाया। राघौगढ़ 19 अगस्त। विद्या समय रत्न, बुंदेली महाकवि औजस्वी वक्ता मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने श्रमण धारा प्रवचन माला के अंतर्गत प्रवचन करते हुए कहा नेतृत्व करने या मुखिया बनने के लिए आवश्यक गुण होना चाहिए तब ही यह जिम्मेदारी मिलेगी। आपने कहा रोटी बनाने के लिए आटे की आवश्यकता होती है। रेत या सीमेंट से रोटी नहीं बन सकती। मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने कहा नेतृत्व करने के लिए तीन गुण आवश्यक हैं पहला "वसुधैव कुटुंबकम्" वह व्यक्ति यह माने कि सारी दुनिया मेरा परिवार है। दूसरा गुण राष्ट्र, राज्य एवं परिवार की संपत्ति को अपनी मानकर उसकी रक्षा करने का संकल्प होना चाहिए। तीसरा गुण उस व्यक्ति में सहिष्णुता, सहनशीलता होना आवश्यक है।
जैन धर्म के 23 में तीर्थंकर उपसर्ग विजेता भगवान पारसनाथ का निर्माण दिवस राघौगढ़ नगर में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि श्रमण सागर जी एवं मुनि ओंकार सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में भक्ति भाव एवं अपूर्ण धर्म प्रभावना के साथ मनाया गया। बोलियों के माध्यम से मुख्य पात्रों का चयन किया गया। मंदिर की में विराजमान सैकड़ों वर्ष प्राचीन भगवान पारसनाथ की चमत्कारी प्रतिमा एवं नव प्रतिष्ठित सहस्त्र फणी पारसनाथ भगवान की प्रतिमा का अभिषेक शांति धारा सैंकड़ों श्रृद्धालुओं की उपस्थिति में संपन्न हुई। निर्वाण कल्याणक के प्रतीक के रूप में निर्वाण लाडू भी चढ़ाया गया सामूहिक पूजन भी हुई।
