निराश्रित बुजुर्ग को मिला प्रशासन का सहारा, एसडीएम राघोगढ़ ने तीन पुत्रों को भरण-पोषण राशि देने के दिए आदेश
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संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं एसडीएम राघोगढ़ श्री अमित सोनी ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के अंतर्गत एक निराश्रित एवं असहाय वृद्ध पिता को राहत प्रदान करते हुए उनके तीनों पुत्रों को प्रतिमाह भरण-पोषण राशि देने का आदेश पारित किया है।
प्रकरण में ग्राम विजयगढ़ निवासी वृद्ध हीरालाल अहिरवार ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया था कि वृद्धावस्था एवं अशक्तता के कारण वे स्वयं अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं तथा उनके पुत्र उनकी देखभाल नहीं कर रहे हैं। प्रकरण में तहसीलदार एवं समाज सुरक्षा विस्तार अधिकारी से विस्तृत जांच कराई गई। जांच में वृद्ध की स्थिति, आय, स्वास्थ्य एवं पारिवारिक परिस्थितियों का परीक्षण किया गया, जिसमें आवेदन सही पाया गया।
सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के उपरांत एसडीएम श्री अमित सोनी ने आदेश पारित करते हुए तीनों पुत्रों—अमरसिंह, फूलसिंह एवं रूपसिंह—को अपने पिता को ₹3,000-₹3,000 प्रतिमाह, अर्थात कुल ₹9,000 प्रतिमाह भरण-पोषण राशि प्रत्येक माह की 5 तारीख तक अदा करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन न करने पर अधिनियम की धारा 5(8) एवं 9 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि समाज के ऐसे बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन दिलाना भी है, जो अपने ही परिवार में उपेक्षा का सामना कर रहे हैं।
