आरोन थाना क्षेत्र से नाबालिग किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म के प्रकरण में पुलिस की सक्रिय कार्यवाही
*मुख्य आरोपी को सहायता देने वाले फरार दो सह आरोपी भी गिरफ्तार कर जेल पहुंचाए, मुख्य आरोपी पूर्व से जेल में*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में महिलाओं एवं नाबालिगों पर घटित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेकर इनमें त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में आरोन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार और उनकी टीम द्वारा नाबालिग किशोरी के अपहरण और उससे दुष्कर्म के एक गंभीर प्रकरण में मुख्य आरोपी को सहयोग देने वाले फरार दोंनो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है । जबकि मुख्य आरोपी को पूर्व में ही जेल भेजा जा चुका है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 11 जून 2026 को आरोन थाने पर एक महिला द्वारा अपनी 16 वर्षीय पुत्री के दिनांक 10-11 जून 2026 की रात्रि से लापता होने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 182/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर किशोरी की तलाश प्रारंभ की गई और दिनांक 14 जून 2026 को किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया था । दस्तयाबी उपरांत पीड़िता ने अपने बयान में आरोपी अरविन्द आदिवासी निवासी ग्राम भादौर के द्वारा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर जाना और उसके साथ गलत काम करना तथा इसमें उसे संजू आदिवासी एवं विजय आदिवासी निवासीगण ग्राम भादौर के द्वारा मदद करना बताया । जिसके बयानों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में धारा 64(2)M, 3(5) बीएनएस एवं 5L/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई । जिसके तहत दिनांक 16 जुलाई 2026 को मुख्य आरोपी अरविन्द आदिवासी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया एवं फरार दोंनो सह आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी रखते हुए उनकी सरगर्मी से तलाश की गई, जिसके क्रम में आज दिनांक 03 अगस्त 2026 को फरार आरोपियों के संबंध में मुखबिर सूचना पर आरोन थाना पुलिस द्वारा तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए प्रकरण में करीब दो माह से फरार आरोपीगण 1-संजू पुत्र सुरेश आदिवासीउम्र 21 साल एवं 2-विजय पुत्र अशोक आदिवासी उम्र 19 साल निवासीगण ग्राम भादौर थाना आरोन जिला गुना को भी गिरफ्तार कर लिया गया एवं विधिवत कार्यवाही उपरांत उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है ।
आरोन थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक पंकज कुशवाह, सउनि जितेन्द्र शर्मा, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र पाल, प्रधान आरक्षक रविन्द्र, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र गुर्जर, आरक्षक सचिन, आरक्षक देवेन्द्र, आरक्षक सौरभ यादव, आरक्षक भूपेन्द्र जाट एवं आरक्षक राम दांगी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है ।
