राघौगढ़ में रक्षाबंधन महामंडल विधान का शुभारंभ।
भगवान की भक्ति निष्काम भाव से करें फल अवश्य मिलेगा। मुनि श्रमण सागरजी
राघौगढ़ 25 अगस्त। धर्म नगरी राघौगढ़ में चातुर्मास रहे मुनि श्रमण सागर जी एवं मुनि ओंकार सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित चार दिवसीय श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान के भव्य शुभारंभ के अवसर पर मंगल प्रवचन करते हुए औजस्वी वक्ता बुंदेली महाकवि मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने कहा इस विधान के अनुष्ठान के माध्यम से आफ 700 मुनिराजों को स्मरण कर अर्घ चढ़ाते हैं। आपने श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन दिया कि भगवान के दर्शन पूजन एवं विधान आदि के आयोजन मनोकामना के साथ हमें नहीं करना चाहिए। इन धार्मिक अनुष्ठानों का निश्चित ही हमें फल मिलता है। मुनिराज ने कहा वर्षों तक भगवान की पूजन दर्शन भक्ति करने के बाद भी मनोकामना पूर्ण नहीं होती है तो भक्त निराश होकर भगवान की भक्ति करना ही छोड़ देते हैं। भगवान की भक्ति छोड़ना अनुचित कार्य है। हमें वर्तमान में पुण्य नहीं मिलने का कारण पूर्व जन्म में किया पाप हैं। और आज हम जो पुण्य कमा रहे हैं उसका फल निश्चित हमें मिलेगा। आपने आगे यह कहा कि किसान गेहूं खेत में बोता है फसल आने पर गेहूं के साथ भूसा फ्री मिलता है।
दिनांक 28 अगस्त तक चलने वाले चार दिवसीय श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान का भव्य शुभारंभ आज प्रातः 7:00 बजे से भगवान का सामूहिक अभिषेक शांति धारा एवं धार्मिक अनुष्ठानों से हुआ। इंदौर से पधारे बाल ब्रह्मचारी सुप्रसिद्ध प्रतिष्ठाचार्य तरुण भैया जी के मार्गदर्शन में सभी मांगलिक क्रियाएं भक्ति भाव से प्रारंभ हुई। विद्यासागर सभागार राघोगढ़ बेदी भगवान विराजमान कर इस विधान का भक्ति भाव से आयोजन किया जा रहा है। तरुण भैया जी ने कहा
राघौगढ़ नगर वासियों का सौभाग्य है कि रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर श्री रक्षाबंधन महामंडल विधान के आयोजन के माध्यम से राघौगढ़ में चातुर्मास कर रहे युगल मुनिराजों के पावन सानिध्य में हम उपसर्ग विजेता 700 मुनि राजों को स्मरण कर उन्हें भक्ति भाव से अर्घ समर्पित करे रहे हैं। विधान आयोजन के पुण्यार्जक परिवार राजेंद्र कुमार सिद्धार्थ कुमार श्रेयांश कुमार जैन मेडिकल परिवार राघौगढ़ ने सभी साधर्मीजनों से आग्रह किया कि इस मांगलिक धार्मिक आयोजन में भक्ति भाव से भाग लें।
