चांचौड़ा थाना पुलिस की सतर्कता से हथियारों के साथ तीन संदिग्ध गिरफ्तार
*मारुति ओमनी कार से धारदार फर्सी, बका एवं चिड़ियांमार बंदूक बरामद*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध सतत् सतर्क एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं प्रभारी एसडीओपी चाचौड़ा श्री ओ.पी. आर्य के पर्यवेक्षण में चांचौड़ा थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तत्पर एवं सतर्कता पूर्वक कार्यवाही करते हुए मारुति ओमनी कार में अवैध धारदार हथियार एवं चिड़ियांमार बंदूक ले जा रहे तीन संदिग्धों को पकड़ा है ।
दिनांक 25 अगस्त 2026 को चाचौड़ा थाना अंतर्गत बीनागंज चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि सफेद रंग की एक मारुति ओमनी वैन में कुछ संदिग्ध व्यक्ति बीजनीपुरा से गोया रोड़ की ओर जा रहे हैं । सूचना को गंभीरता से लेते हुए बीनागंज चौकी से तत्काल पुलिस टीम रवाना की गई । टीम द्वारा तुरंत गोया रोड पर पहुंचकर वाहन चेकिंग प्रारंभ की गई । कुछ ही समय बाद उक्त संदिग्द कार के आने पर पुलिस द्वारा उसे रोककर चेक किया गया । कार के आगे नंबर प्लेट नहीं थी तथा पीछे RJ17 UA 6452 अंकित था । कार में तीन व्यक्ति सवार मिले, जिनसे पूछताछ करने पर उन्होंने अपने नाम 1-गोविन्द पुत्र गंगाराम बागरी (मोंगिया) उम्र 22 वर्ष, 2-सोनू पुत्र जमुना लाल बागरी एवं 3-रवि पुत्र वीरचन्द्र बागरी उम्र 23 वर्ष निवासीगण गरबोलिया थाना मनोहरथाना जिला झालावाड़ (राजस्थान) के बताये । पुलिस टीम द्वारा कार की बारीकी से तलाशी लेने पर उसमें लोहे की एक धारदार फर्सी, लोहे का एक बका एवं एक चिड़ियांमार बंदूक बरामद हुई ।
फर्सी एवं बका रखने के संबंध में आरोपियों से वैध लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन उनके पास कोई वैध लाइसेंस नहीं पाया गया । इसके बाद पुलिस द्वारा उक्त हथियारों एवं घटना में प्रयुक्त मारुति ओमनी कार को विधिवत जप्त किया जाकर उनके विरुद्ध चाचौड़ा थाने में अप.क्र. 277/26, धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई है ।
चांचौड़ा थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजोरिया के नेतृत्व में बीनागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, प्रधान आरक्षक सुनील रघुवंशी, आरक्षक नवदीप शर्मा, आरक्षक अजय समाधिया, आरक्षक मोनू करारे एवं आरक्षक शिवप्रताप की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
