राजस्व प्रशासन की संवेदनशील एवं त्वरित पहल : चार मृतकों के आश्रितों को ₹16 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कन्याल के निर्देशन में राजस्व प्रशासन द्वारा आपदाजनित एवं आकस्मिक दुर्घटनाओं में असमय मृत्यु के प्रकरणों में मानवीय संवेदनशीलता, त्वरितता एवं उत्तरदायित्वपूर्ण प्रशासनिक दृष्टिकोण का परिचय देते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राघौगढ़ एवं प्रभार चांचौड़ा श्री अमित सोनी द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के अंतर्गत राघौगढ़ एवं चांचौड़ा अनुविभाग से संबंधित चार प्रकरणों में मृतकों के वैध आश्रितों हेतु कुल ₹16 लाख की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक प्रकरण में ₹4-4 लाख की सहायता राशि स्वीकृत करते हुए संबंधित हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि अंतरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
राघौगढ़ अनुविभाग के अंतर्गत राघौगढ़ नगर में कुएं में डूबने से मृतक मदनलाल सैनी की मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती लक्ष्मीबाई सैनी को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार ग्राम गोरा में खेत पर कृषि कार्य के दौरान सर्पदंश से 37 वर्षीय अशोक कुमार लोधा की मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती रचना लोधा को ₹4 लाख की सहायता राशि स्वीकृत की गई।
इसी क्रम में तहसील मक्सूदनगढ़ के ग्राम झरई में फसल देखने जाते समय नदी/नाले के तेज बहाव में डूबने से मृतक हरिसिंह उर्फ हरीनारायण मीना के प्रकरण में उनके वैध वारिस पुत्र पवन मीना को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
वहीं, चांचौड़ा अनुविभाग के ग्राम खातोली निवासी रामदयाल मीना की पानी में डूबने से हुई आकस्मिक मृत्यु के प्रकरण में नियमानुसार वैध आश्रित के रूप में उनके भाई हरिसिंह मीना के पक्ष में ₹4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
उक्त समस्त प्रकरणों में संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत पटवारी प्रतिवेदन/पंचनामा, पुलिस मर्ग सूचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण एवं वैधानिक औपचारिकताओं की पूर्ति उपरांत पात्रता का परीक्षण कर नियमानुसार सहायता स्वीकृति की कार्यवाही की गई है।
इस प्रकार दोनों अनुविभागों में ₹16 लाख की संचयी आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने से आकस्मिक दुर्घटनाओं में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों में तत्काल आर्थिक संबल उपलब्ध होगा।
प्रशासन की प्राथमिकता है कि शासन द्वारा निर्धारित राहत एवं पुनर्वास संबंधी प्रावधानों का लाभ पात्र प्रभावित परिवारों तक संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं न्यूनतम समयावधि में पहुंचाया जाए।
