*गुमशुदा नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की सतत कार्यवाही*
मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग बालक को मात्र 24 घंटे के भीतर इंदौर से सुरक्षित खोज निकाला
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेते हुए उनकी शीघ्र दस्तयाबी के लिए निरंतर प्रभावी एवं परिणाममुखी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन तथा डीएसपी मुख्यालय और प्रभारी एसडीओपी श्री जमीलउद्दीन सिद्दीकी के पर्यवेक्षण में मधुसूदनगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे और उनकी टीम ने थाना क्षेत्र से लापता एक नाबालिग बालक को मात्र 24 घंटे के भीतर इंदौर से सुरक्षित खोजने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 15 सितंबर 2026 की रात एक पिता द्वारा अपने 16 वर्षीय नाबालिग बेटे के दिनांक 16 सितंबर 2026 की शाम से लापता होने की सूचना मधुसूदनगढ़ थाने में दी गई थी । जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल मधुसूदनगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 139/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालक की तलाश प्रारंभ की गई ।
प्रकरण को गंभीरता से लेकर मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहृत बालक की तलाश हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया, साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों एवं अन्य माध्यमों से बालक की तलाश के व्यापक प्रयास किए । इसमें पुलिस के लगातार सूचना संकलन एवं संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन के परिणामस्वरूप बालक के इंदौर में होने की जानकारी मिलने पर मधुसूदनगढ़ थाने से पुलिस की एक टीम बालक के परिजनों सहित इंदौर पहुंची और जहां से दिनांक 16 सितंबर 2026 को बालक को सुरक्षित थाने लेकर आये एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे, उपनिरीक्षक अजय सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संदीप कुमार, आरक्षक मनोज कश्यप एवं आरक्षक पुष्पेन्द्र जाट की विशेष भूमिका रही है ।
