प्रकृतिक एवं जैविक कृषि ने गुना के 5वी तक पढ़े किसान को दिलाया राज्य स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार
मानव जीवन के स्वास्थ्य की चिंता ने प्रकृतिक एवं जैविक खेती करने किया प्रेरित
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गुना - काम भले ही छोटा हो लेकिन उसे करने की सोच अच्छी हो तो परिणाम भी अच्छे मिलते हैं। यह बात साबित हुई है गुना जिले के ग्राम सोरामपुरा के किसान उधम सिंह लोधा पर। जो मात्र 2 एकड़ में प्रकृतिक एवं जैविक पद्धति से कृषि करते हैं।
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेशन यानि आत्मा अन्तर्गत वर्ष 2025-26 के राज्य स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार के लिए चयनित करवाया है। खास बात यह है कि राज्य स्तरीय कमेटी की ओर से10 सर्वोत्तम कृषकों को चुना गया है। इनमें गुना जिले से एक मात्र किसान उधम सिंह लोधा का नाम है। उन्हें इस पुरस्कार के क्यों चयनित किया, आखिर उन्होंने खेती में ऐसा क्या किया है यह जानने के लिए पत्रिका ने उनसे विशेष बातचीत की।
बता दें कि जिले के राघोगढ़ विकासखंड ग्राम सोरामपुरा फोरलेन हाइवे से 1 किमी दूर स्थित सोरामपुरा गांव है। जहां उधम सिंह लोधा रहते हैं।
50 हजार रुपए का नकद पुरस्कार मिला है।
गुना जिले के कृषक उधम सिंह लोधा का राज्य स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार के चयन हुआ है। उन्हें पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपए की राशि दी गई है।प्रकृतिक एवं जैविक पद्धति से कृषि कार्य करने के लिए उनका चयन हुआ है।
