शिक्षक समाज का आधार, समाज के शिल्पकार भी शिक्षक : कलेक्टर श्री कन्याल
उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षक दिवस समारोह में कलेक्टर ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से किया संवाद, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक हुए सम्मानित
गुना
शिक्षक दिवस के अवसर पर आज शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित समारोह में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने सहभागिता की। कार्यक्रम की थीम “शिक्षक समाज का आधार, शिक्षक समाज का शिल्पकार” रही। इस दौरान कलेक्टर ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से आज जानकारी पाना बेहद आसान हो गया है, लेकिन सही जानकारी का चयन करने और उसे जीवन में उतारने के लिए स्पष्ट सोच, पढ़ने-लिखने की आदत और निरंतर अभ्यास जरूरी है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
विद्यार्थी ने बताया—शिक्षक सही-गलत का अंतर समझाने वाला हो
संवाद के दौरान छात्रा आरुषि धाकड़ ने कहा कि शिक्षक ऐसा होना चाहिए, जो विद्यार्थियों का सही मार्गदर्शन कर सके तथा उन्हें सही और गलत के बीच अंतर समझा सके।
शिक्षिका अंजू शर्मा ने कहा कि गुरु वह है, जो अपने शिष्यों को बेहतर तरीके से समझ सके। बच्चों के मन में अपने विचार और बात रखने को लेकर किसी तरह का डर नहीं होना चाहिए।
शिक्षा के साथ जीवन की चुनौतियों में सहयोग जरूरी
शिक्षिका मधु मीना ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल किताबी शिक्षा देने तक सीमित नहीं है। शिक्षक को विद्यार्थियों को जीवन की विभिन्न चुनौतियों को समझने और उनका सामना करने में भी मार्गदर्शन एवं सहयोग करना चाहिए।
वहीं शिक्षिका सारिका जैन ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ एक अच्छा नागरिक बनना भी सीखना चाहिए। वे जो कुछ सीखते हैं, उसे अपने जीवन में अपनाना अधिक महत्वपूर्ण है।
Gen-Z और Gen-Alpha के दौर में तकनीक के साथ संतुलन जरूरी
Gen-Z और Gen-Alpha के संदर्भ में शिक्षक देवेन्द्र सिंह ने कहा कि आज के बच्चे कम समय में अधिक पाना चाहते हैं। शिक्षिका अभिलाषा तिवारी ने कहा कि बच्चों में वीडियो देखने की आदत बढ़ रही है, जिसका असर उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमता पर भी पड़ रहा है।
इस पर कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि तकनीक की मदद से कम समय में अधिक जानकारी प्राप्त करना संभव है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले किसी पुस्तक की आवश्यकता होने पर लाइब्रेरी जाना पड़ता था और बस से आने-जाने में ही करीब एक घंटे का समय लग जाता था। आज वही जानकारी इंटरनेट पर एक सेकेंड में उपलब्ध हो जाती है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर जानकारी और विकल्पों की कोई कमी नहीं है, लेकिन सबसे जरूरी है स्पष्टता—क्या करना है और किस जानकारी को सही मानकर आगे बढ़ना है। अधिक विकल्प होने के कारण कई बार हम निर्णय नहीं ले पाते, इसलिए लक्ष्य और दिशा स्पष्ट होना आवश्यक है।
हाथ से लिखी चीज लंबे समय तक रहती है याद
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ने के साथ लिखने की आदत भी जरूरी है। जब हम किसी विषय को अपने हाथों से लिखते हैं, तो वह लंबे समय तक याद रहता है। इसके साथ ही लिखी हुई सामग्री का बार-बार अध्ययन और रिवीजन करने से उसे लंबे समय तक याद रखा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्पोर्ट्स से जुड़ने से शरीर फिट रहता है और व्यक्तित्व के विकास में भी मदद मिलती है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके बाद कलेक्टर, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से फोटो लेकर शिक्षक दिवस समारोह की स्मृतियां साझा कीं।
