ग्राम बछावदा विकासखंड बमोरी में आत्मा योजना अंतर्गत खरीफ कृषक संगोष्ठी आयोजित
कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने किसानों को दी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार एवं उपसंचालक कृषि श्री संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में आत्मा योजना के अंतर्गत विकासखंड बमोरी के ग्राम बछावदा में खरीफ कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में क्षेत्र के किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि श्री अरुण पाटीदार ने किसानों को खेती में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने तथा उपलब्ध कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम एवं कृषि की बढ़ती लागत को देखते हुए किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन तथा प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कृषि वैज्ञानिक आरोन ने किसानों को खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उन्नत किस्म के बीजों का चयन, बीजोपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोगों की पहचान तथा समेकित कीट प्रबंधन (IPM) के बारे में किसानों को समझाया। साथ ही फसल में अनावश्यक एवं अत्यधिक कीटनाशकों के प्रयोग से बचने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही दवाओं का उपयोग करने की बात कही।
कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के प्रयोग, जैविक एवं जैव उर्वरकों के उपयोग, खेत में जैव विविधता बनाए रखने तथा पानी की बचत करने वाली तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेती में लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन एवं जैविक पदार्थों का उपयोग भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में श्री मुरारी लाल त्यागी बीटीएम बमोरी ने आत्मा योजना के अंतर्गत संचालित कृषक गतिविधियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। श्री आर.एस. लोधा बीटीएम आरोन किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक एवं जैविक कृषि की संभावनाओं तथा कृषि में नई तकनीकों को अपनाकर आय बढ़ाने के संबंध में जानकारी प्रदान की।
डॉ. मनमोहन सिंह भूरिया बीटीएम गुना ने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं एवं कृषक हितैषी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए पात्र किसानों से योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। श्री सुनील बीटीएम राधौगढ़ ने भी किसानों से कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई तकनीकों को खेत स्तर पर अपनाने तथा अनुभव साझा करने की अपील की।
संगोष्ठी में किसानों ने कृषि से संबंधित अपनी समस्याएं एवं जिज्ञासाएं अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों के समक्ष रखीं, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान एवं आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना, उत्पादन लागत कम करना, फसल उत्पादकता बढ़ाना तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए नवीन कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे और उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कृषक प्रशिक्षण एवं संगोष्ठियों के आयोजन की आवश्यकता बताई। अंत में आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन हुआ
