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नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लायें - गृहमंत्री विजय शर्मा

 नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लायें - गृहमंत्री विजय शर्मा



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट


रायपुर -  उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने नवीन आपराधिक कानूनों के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सभी संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक त्वरित , पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना है तथा इसके लिये कानून में उल्लिखित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जानी चाहिये। नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की बेहतर स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। डैशबोर्ड के प्रत्येक मापदंड की बिंदुवार समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिये हर स्तर पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप जुलाई माह से राज्य की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुये सभी मापदंडों में सुधार की गति बनाये रखने के निर्देश दिये। कार्यात्मक दक्षता के मापदंड पर सुधार के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआईआर और चार्जशीट सीधे न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था शीघ्र पूर्ण की जाये , ताकि विवेचना से लेकर विचारण तक की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो। इसी मापदंड के अंतर्गत उन्होंने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नाफिस) तथा ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ाने के लिये सभी थानों को तकनीकी एवं कार्यात्मक दृष्टि से शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी कहा कि ई-समन जारी होने के बाद उसकी तामिल शीघ्र सुनिश्चित की जाये और निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाये। गृह मंत्री शर्मा ने प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत आवश्यक अधिसूचनायें और प्रक्रियात्मक व्यवस्थायें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ-साथ मैदानी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना भी आवश्यक है , तभी नये कानूनों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंच सकेगा। बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों , सीसीटीएनएस तथा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर आ रही कठिनाईयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) , नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों के साथ इनके तकनीकी और प्रक्रियात्मक समाधान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिये कि जिन बिंदुओं पर केंद्रीय स्तर से सहयोग अथवा तकनीकी समाधान अपेक्षित है , उन पर समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण कराया जाये , जिससे छत्तीसगढ़ नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में और बेहतर प्रदर्शन कर सके। बैठक में महानिदेशक एनसीआरबी अमित गर्ग , महानिदेशक बीपीआरडी आलोक मित्तल , गृह विभाग की प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक , गृह सचिव सुश्री नेहा चंपावत एवं हिमशिखर गुप्ता , पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम , महानिदेशक जेल हिमांशु गुप्ता , संचालक अभियोजन प्रदीप गुप्ता , अपर पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा , सीएपीटी भोपाल अनिल किशोर यादव उपस्थित रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय पुलिस महानिरीक्षक , जिले के पुलिस अधीक्षक , स्वास्थ्य विभाग के मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी तथा दिल्ली से एनसीआरबी एवं एनआईसी के अन्य अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुये।


क्या है एनसीएलआई डैशबोर्ड 


नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच है , जिसके माध्यम से तीनों नये आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के देशव्यापी क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।

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