धार्मिक स्थल से घंटा चोरी के मामले में मृगवास थाना पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही
*जनसहयोग से आरोपी तत्काल गिरफ्तार, प्रकरण में चोरी घंटा सहित एक अन्य मंदिर से चोरी घंटा भी किया बरामद*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा तथा आमजन की आस्था से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र के ग्राम लीलवेह खुर्द के श्री हनुमान मंदिर से घंटा चोरी के मामले में तत्परता से कार्यवाही करते हुए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर उसके कब्जे से प्रकरण में चोरी घंटा सहित एक अन्य मंदिर से चोरी घंटा भी बरामद किया गया है ।
गौरतलब है कि आज दिनांक 16 सितंबर 2026 को फरियादी राम सिंह गुर्जर निवासी ग्राम लीलवेह खुर्द द्वारा अन्य ग्रामीण के साथ मृगवास थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 15 सितंबर 2026 की सुबह ग्राम लीलवेह खुर्द स्थित श्री हनुमान मंदिर से घंटा चोरी हो गया था । घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों द्वारा अपने स्तर पर घंटा की तलाश की गई, जिसमें चोरी हुआ घंटा ग्राम ऊंची बड़ली निवासी मुकेश बंजारा के पास मिला । ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए आरोपी मुकेश बंजारा के विरूद्ध मृगवास थाने में अप.क्र. 111/26, धारा 305(डी) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर जन सहयोग से मंदिर से घंटा चोरी के आरोपी मुकेश पुत्र भगवान सिंह बंजारा निवासी ग्राम ऊंची बड़ली, थाना मृगवास, जिला गुना को तत्काल गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ग्राम लीलवेह खुर्द स्थित श्री हनुमान मंदिर से चोरी हुआ घंटा तथा एक अन्य मंदिर से चोरी किया गया घंटा सहित कुल 02 घंटे बरामद किए गए हैं । पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी से अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी गहन पूछताछ की जा रही है ।
मृगवास थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, सउनि धारा सिंह, प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक रामकुमार रघुवंशी, प्रधान आरक्षक सुरेश मीना, आरक्षक जितेन्द्र यादव, आरक्षक वकील सिंह, आरक्षक अजय प्रताप सिंह, आरक्षक नरेन्द्र गुरूंग, आरक्षक राजीव रघुवंशी एवं महिला आरक्षक रंजना जर्मन का सराहनीय योगदान रहा है ।
