खाद वितरण व्यवस्था की कलेक्टर ने की समीक्षा, भ्रामक खबरों पर कार्रवाई के निर्देश
ई-विकास पोर्टल से किसानों को खाद वितरण की व्यवस्था की दी जानकारी
ई-टोकन बुकिंग और पोर्टल की समस्याओं पर हुई चर्चा, किसान प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
गुना, । जिले में खाद वितरण व्यवस्था एवं ई-विकास पोर्टल की प्रगति को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा ने पीपीटी के माध्यम से ई-विकास पोर्टल पर ई-टोकन बुकिंग, खाद वितरण तथा पोर्टल से संबंधित समस्याओं की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि खाद को लेकर भ्रामक अथवा गलत जानकारी प्रसारित होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए।
ई-विकास पोर्टल की कार्यप्रणाली की दी जानकारी
उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा ने बताया कि ई-विकास पोर्टल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले स्टॉक के आधार पर संबंधित केंद्रों की निर्धारित लिमिट के अनुसार ई-टोकन बुक किए जा सकते हैं। जिले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान मोबाइल फोन, लैपटॉप एवं कियोस्क सेंटरों के माध्यम से ई-टोकन बुकिंग के लिए वेबसाइट एवं एप का उपयोग करते हैं। उपलब्ध स्टॉक एवं सर्वर पर एक साथ आने वाले अधिक लोड के कारण सभी किसानों के टोकन एक साथ बुक नहीं हो पाते।
सुबह 10 बजे उपलब्ध होता है बुकिंग के लिए स्टॉक
उन्होंने बताया कि ई-विकास पोर्टल पर सुबह 10 बजे एक दिन पूर्व पीओएस मशीन में एक्नॉलेज किया गया स्टॉक ई-टोकन बुकिंग के लिए प्रदर्शित होता है। इसके अलावा पुराने शेष स्टॉक तथा टोकन कैंसिल होने से उपलब्ध होने वाले स्टॉक के आधार पर भी ई-टोकन बुक किए जा सकते हैं।
फसल चयन संबंधी समस्या का निराकरण
बैठक में बताया गया कि ई-विकास पोर्टल पर कुछ किसानों के फसल चयन में समस्या आ रही थी। संबंधित कंपनी क्रिस्प भोपाल के प्रतिनिधि द्वारा समस्या का निराकरण कर दिया गया है। अब पोर्टल पर जिले में होने वाली फसलों का ही चयन किया जा सकता है। यदि किसी किसान की प्रोफाइल में फसल संबंधी जानकारी में बदलाव नहीं हो रहा है, तो वह जिला अथवा विकासखंड स्तरीय कृषि अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक सुधार करा सकता है।
ई-विकास पोर्टल से किसानों को किया जा रहा खाद का वितरण
उप संचालक कृषि ने बताया कि 22 अगस्त से 28 सितंबर तक ई-विकास पोर्टल 2.0 के माध्यम से जिले के डबल लॉक केंद्रों, सहकारी समितियों, निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं एमपी एग्रो के माध्यम से लगभग 27 हजार किसानों को 16 हजार मीट्रिक टन से अधिक विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का वितरण किया गया है।
डीएपी की नई रैक प्राप्त
जिले में 27 सितंबर की स्थिति में डीएपी/टीएसपी उपलब्ध था। इसके साथ ही कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड की लगभग 2600 मीट्रिक टन डीएपी की एक रैक जिले को प्राप्त हुई है। इसका वितरण डबल लॉक केंद्रों, सहकारी समितियों, एमपी एग्रो एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किया जा रहा है।
खरीफ सीजन में डीएपी/टीएसपी का वितरण
खरीफ सीजन में अब तक ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को लगभग 6,500 मीट्रिक टन डीएपी/टीएसपी का वितरण किया जा चुका है। जिले में सभी प्रकार के उर्वरकों के वितरण की व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के माध्यम से की जा रही है।
किसानों की सुविधा के लिए सतत निगरानी
बैठक में खाद वितरण व्यवस्था, ई-टोकन बुकिंग तथा पोर्टल से संबंधित समस्याओं के निराकरण पर चर्चा की गई। अधिकारियों को किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने तथा तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
अवैध भंडारण पर एफआईआर
बैठक में बताया गया कि अन्य राज्य से उर्वरक लाने तथा अवैध भंडारण के मामलों में दो संस्थानों/व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिले में कही पर भी खाद्य वितरण से संबंधित कालाबाजारी की सूचना जिला प्रशासन को दी जा सकती है।
