नरसिंहगढ संवाददाता
राजू बैरागी
नरसिंहगढ अनुसूचित जाति कांग्रेस कमेटीजिला उपाध्यक्ष मुकेश अहिरवार के साथ ग्राम बांरी धामदौर के निवासीयों बुद्धराम,पूनम,बसंतीलाल,कैलाश,शिवप्रसाद अहिरवार,गीता बाई वर्मा ,घीसालाल अहिरवार 8 परिवारों ने प्रदेश मानव अधिकार आयोग भोपाल को दिये आवेदन में कहा है कि प्रार्थियों को राजस्व प्रकरण क्रमांक48/अ-19/2001-02 दिनांक 31/05/2002 के माध्यम से बांरी धामदौर नरसिंहगढ जिला राजगढ़ में स्थित भूमि सर्वे क्रमांक-28/3 एवं 28/4/1 में से भूमि स्वामी अधिकारों की स्वीकृति के लिए पट्टे प्रदान कर भूमि दी गई थी और पट्टे प्राप्ति बाद से ही हम सभी आवेदक उक्त भूमि पर काबिज हैँ किन्तु दिनांक 30/06/2004को आवेदको को तत्कालीन तहसीलदार नरसिंहगढ़ ने एक सूचना पत्र भेज कर तत्कालीन कलेक्टर महोदय के आदेश से समस्त पट्टे निरस्त कर दिए गए है ऐसा कह दिया गया। परन्तु कलेक्टर महोदय के उक्त आदेश की कोई प्रमाणित प्रति आज तक उपलब्ध नही कराई न तो हमारे पट्टे की भूमि के बदले अन्य स्थान पर कोई भूमि न ही कोई मुआवजा राशि प्रदान की गई तहसीलदार के उक्त सूचना पत्र के बाद से हम अपने पट्टे की भूमि पर खेती और कोई निर्माण भी नही कर पा रहे है आज हमारे परिवारों की आर्थिक स्तिथि अत्यंत दयनीय हो गई है प्रार्थियों ने कहा कि हमे अपनी भूमि के अधिकार प्रमाण पत्र देकर हमें अपनी भूमि पर पुनः राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने ओर भू अधिकार आदेश प्रदान किया जाए
