Type Here to Get Search Results !

म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी करने के दस आरोपी जेल दाखिल

 म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी करने के दस आरोपी जेल दाखिल 



 अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


दुर्ग - आर्थिक लाभ हेतु साइबर ठगी के लिये बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) का उपयोग करने के दस आरोपियों को थाना मोहन नगर पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।

                                    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र  के समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर थाना मोहन नगर क्षेत्र अंतर्गत कर्नाटक बैंक शाखा स्टेशन रोड दुर्ग में संचालित कुल 111 बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। जांच में पाया गया कि इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न स्थानों से साइबर ठगी की राशि को प्राप्त करने हेतु किया जा रहा था , जिसमें कुल लगभग 86,33,247 रुपये का अवैध लेन-देन पाया गया। प्रकरण में अपराध क्रमांक 07/2025 धारा 317(2) , 317(4) , 318(4) , 61(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जांच के दौरान खाताधारकों की पहचान कर दस आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई , जिनके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये गये। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से थाना मोहन नगर पुलिस ने सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। उक्त कार्यवाही में थाना मोहन नगर पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही , जिनके द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं त्वरित कार्यवाही करते हुये आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।


गिरफ्तार आरोपीगण - 


मधु साहू उम्र 45 वर्ष , ज्योति गौतम उम्र 28 वर्ष , फरहद खान उम्र 56 वर्ष , भूपेश गोहिल उम्र 51 वर्ष , अजय कुमार उर्फ मोनू उम्र 29 वर्ष , मसीर आलम उम्र 27 वर्ष , नवीन भागवत उम्र 24 वर्ष , भूपेंद्र कुमार टंडन उम्र 36 वर्ष , संतोष बिसाई उम्र 28 वर्ष और हीरा सिंह उम्र 55 वर्ष। 


जप्त सामाग्री -

 

संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज और मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य।  


दुर्ग पुलिस की अपील - 

 

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपने बैंक खाते , एटीएम कार्ड या अन्य वित्तीय साधन किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध ना करायें। ऐसा करना दंडनीय अपराध है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.