गुना
जिले में आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट गुना के जनसुनवाई कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें भूकंप आपदा जोखिम न्यूनीकरण विषय पर एवं अतिवृष्टि बाढ़ आपदा में इंप्रोवाइज तरीके से राफ्ट बनाना जैसे बोतल राफ्ट पीपा राफ्ट एवं घायल व्यक्ति को ले जाने की विधियां, तथा सीपीआर की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में संयुक्त कलेक्टर डॉ. संजीव खेमरिया, डिप्टी कलेक्टर सुश्री महिमा चौधरी, होमगार्ड्स कमांडेंट श्री आरके पथरोल, प्लाटून कमांडर होमगार्ड श्री मनोज भदौरिया विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा भूकंप के कारण, उसके प्रभाव तथा उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि भूकंप के दौरान किस प्रकार सतर्कता बरतनी चाहिए तथा सुरक्षित स्थानों का चयन कैसे किया जाए। साथ ही आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया (रिस्पॉन्स) और राहत कार्यों के समन्वय पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को आपातकालीन स्थिति में सही निर्णय लेने और राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय रहते जागरूकता और तैयारी ही जन-धन की हानि को कम कर सकती है।
कार्यशाला में भूकंप के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि भूकंप आने पर घबराएं नहीं, तुरंत सुरक्षित स्थान जैसे मजबूत टेबल या दरवाजे के नीचे शरण लें, बिजली के उपकरणों से दूर रहें और खुले स्थान में चले जाएं। ऊंची इमारतों, पेड़ों एवं बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
इसके अलावा, भूकंप से पहले और बाद में किए जाने वाले उपायों की भी जानकारी दी गई। घरों एवं भवनों को भूकंपरोधी बनाने, आपातकालीन किट तैयार रखने तथा परिवार के सदस्यों को आपदा के समय की योजना से अवगत कराने पर जोर दिया गया।
