बजरंगगढ़ थानांतर्गत साले द्वारा बहनोई की हत्या का मामला, मात्र 04 माह में मिला न्याय
*पुलिस की सशक्त विवेचना और प्रभावी पैरवी से मिली कठोर सजा*
*माननीय न्यायालय ने आरोपी को किया आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित*
*उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों का पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मान*
गुना पुलिस द्वारा जिले में चिन्हित एवं सनसनीखेज प्रकरणों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है । जिसके तहत अभियोजन पक्ष द्वारा सुसंगत एवं तर्कपूर्ण साक्ष्यों को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं । इसी तारतम्य में बजरंगगढ़ थानांतर्गत साले द्वारा बहनोई की हत्या के सनसनीखेज प्रकरण में पुलिस की सटीक विवेचना एवं मजबूत अभियोजन के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा मात्र 04 माह में ही आरोपी साले को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है ।
उल्लेखनीय हे कि दिनांक 16 नवम्बर 2025 को बजरंगगढ़ के माता मोहल्ला मरघट शाला के पास स्थित कुएं में देवेन्द्र अहिरवार उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम पहाड़ा थाना शाढौरा जिला अशोकनगर का शव मिलने पर बजरंगगढ़ थाना पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई । जांच में पाया गया कि मृतक देवेन्द्र बजरंगगढ़ में अपनी ससुराल आया था और जहां से दिनांक 13 नवम्बर 2025 की शाम से लापता था । घटना के संबंध में ज्ञात हुआ कि मृतक अपनी पत्नि को परेशान करता था और उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता था । इसी बात से आक्रोशित होकर मृतक के साले विजय अहिरवार द्वारा अपने बहनोई को शराब पिलाकर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और उसकी मृत्यु हो गई । हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को कुएं में फेंक दिया था ।
संपूर्ण मर्ग जांच उपरांत दिनांक 13 दिसंबर 2025 को आरोपी विजय अहिरवार निवासी बजरंगगढ़ के विरूद्ध अप.क्र. 103(1), 238(बी) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया एवं आरोपी विजय पुत्र बाबूलाल अहिरवार उम्र 33 साल निवासी माता मोहल्ला बजरंगगढ़ को तत्काल गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया था ।
प्रकरण में सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में बजरंगगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार के द्वारा अत्यंत बारीकी एवं सटीकता से जांच करते हुए मजबूत साक्ष्य एकत्रित किए गए एवं सम्पूर्ण विवेचना उपरांत दिनांक 26 दिसंबर 2026 को अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया । सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा सभी गवाहों को समय पर प्रस्तुत करते हुए साक्ष्यों को मजबूती के साथ न्यायालय के समक्ष रखा गया । शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी लोक अभियोजक श्री अलंकार बशिष्ठ द्वारा प्रभावी ढंग से की गई ।
माननीय जिला मुख्य न्यायाधीश श्री अभिताभ मिश्र, न्यायालय गुना द्वारा दिनांक 28 अप्रैल 2026 को अपना अंतिम निर्णय सुनाया गया, जिसमें आरोपी विजय अहिरवार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया ।
इस प्रकरण में उत्कृष्ट विवेचना कर आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बजरंगगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार एवं उनके सहयोगी सउनि पृथ्वी सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश पारासर, प्रधान आरक्षक दिलीप कलावत, महिला आरक्षक सपना रघुवंशी, आरक्षक महेश बंजारा, आरक्षक अभयराज रघुवंशी, आरक्षक राजकमार रघुवंशी, आरक्षक मुकेश वर्मा, आरक्षक नवलकिशोर, आरक्षक कुलदीप परिहार आदि के द्वारा किए गये उत्कृट कार्य की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा सभी को प्रशंसा पत्र से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया ।
गंभीर अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है । जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु इस प्रकार की कार्यवाहियां लगातार जारी रहेंगी ।
