माता मूड़रा के प्राचीन मातामंदिर से चांदी के 11 मुकुट चोरी की सनसनीखेज बारदात का आरोन थाना पुलिस ने किया सफल खुलासा
*20 दिनों की सूक्ष्म एवं सतत निगरानी तथा माईक्रोबीट प्रणाली से मिली सफलता, आरोपी गिरफ्तार*
*चोरी गये 11 मुकुटों में से 03 साबुत एवं 08 मुकुट चांदी के 183 टुकड़ों में बरामद*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं आमजन की आस्था से जुड़े मामलों में गुना त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मागदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ़ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में आरोन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार और उनकी टीम द्वारा थानांतर्गत ग्ररम माता मूड़रा स्थित प्राचीन माता मंदिर से मातारानी के मुकुट चोरी के अत्यंत संवेदनशील एवं सनसनीखेज घटना का सफल खुलासा करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है ।
उल्लेखनीय है कि आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम माता मूड़रा स्थित प्राचीन माता मंदिर के गर्भगृह से दिनांक 26 अप्रैल 2026 को दिनदहाड़े किसी अज्ञात आरोपी द्वारा मातारानी के चांदी के 11 मुकुट चोरी कर लिये गये थे । यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा ग्राम मातामूड़रा का नाम भी इसी प्राचीन माता मंदिर के नाम पर रखा गया है । घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश एवं चिंता का वातावरण निर्मित हो गया था ।
चोरी की इस घटना के फरियादी एवं मंदिर के पुजारी कामताप्रसाद शर्मा द्वारा आरोन थाने में सूचना दी गई कि दिनांक 26 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 04:30 बजे भोपाल से आये एक परिवार का मुंडन संस्कार कार्यक्रम कराने के बाद वे मंदिर के बरामदे में ताला लगाकर घर चले गये थे । शाम करीब 06:00 बजे पुनः पूजा-अर्चना के लिये मंदिर पहुंचे तो गर्भगृह में स्थापित माता रानी की 11 मूर्तियों पर सुशोभित चांदी के मुकुट गायब मिले । जिन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मंदिर परिसर में चोरी-छिपे प्रवेश कर चोरी कर लिये हैं । मंदिर से चोरी की घटना को पुलिस द्वारा गंभीरता से लेते हुए आरोन थाने में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 112/26 धारा 331(बी), 305(डी) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई । चूंकि घटना अत्यंत संवेदनशील एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई थी तथा आरोपी के स्थानीय होने की संभावना के चलते उसके विरुद्ध कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य प्राप्त नहीं हो रहे थे, ऐसे में आरोन थाना पुलिस द्वारा अत्यंत सूक्ष्मता एवं रणनीतिक ढंग से जांच की गई ।
विवेचना के दौरान बीट प्रभारी प्रधान आरक्षक दीपक त्रिपाठी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संचालित माईक्रोबीट प्रणाली के तहत विकसित स्थानीय सूत्रों एवं संकलित जानकारियों के आधार पर एक संदिग्ध को चिन्हित किया गया । पुलिस द्वारा लगातार लगभग 20 दिनों तक संदेही पर निगरानी रखी गई एवं जिसके संबंध में प्राप्त साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर दिनांक 16 मई 2026 को संदेही कैलाश शर्मा को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई । पूछताछ में आरोपी ने मंदिर से मातारानी के मुकुट चोरी करना स्वीकार किया । आरोपी ने बताया कि मंदिर के पुजारी द्वारा प्रसाद चढ़ाने को लेकर उत्पन्न रंजिश के चलते उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था ।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी के बाद पहचान छिपाने की नीयत से उसने 11 मुकुटों में से 08 मुकुटों को काटकर उनके टुकड़े कर दिये तथा शेष 03 मुकुट साबुत रखे हैं, जिस पर से प्रकरण में धारा 238(बी) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई । आरोपी ने सभी मुकुट एवं चांदी के टुकड़ों को अपने घर के पास स्थित एक कमरे में भूसे के ढेर में छिपाकर रखा था । पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 03 साबुत चांदी के मुकुट एवं 08 मुकुटों के 183 टुकड़े कुल वजन करीब 220 ग्राम, कीमत लगभग 50 हजार रुपये की चांदी बरामद की गई तथा प्रकरण में आरोपी कैलाश पुत्र स्व. हरभजन शर्मा उम्र 55 साल निवासी ग्राम माता मूड़रा थाना आरोन जिला गुना को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।
मंदिर से चोरी की इस महत्वपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण प्रकरण के खुलासा करने में आरोन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार, प्रधान आरक्षक दीपक त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक राममोहन दुबे, प्रधान आरक्षक रविन्द्र रघुवंशी, आरक्षक राम दांगी, आरक्षक कुलदीप शाक्य, वृत्तकुमार यादव, महिला आरक्षक पूजा यादव, महिला आरक्षक राजकुमारी रघुवंशी सहित आरोन थाना पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही है ।
