आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश का दूसरा चरण शुरू, अभिभावकों को समय पर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह
गुना
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देने की प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। पहले चरण की प्रक्रिया 25 अप्रैल 2026 तक पूरी हो चुकी है। इसके बाद जिन स्कूलों में सीटें खाली रह गई हैं, उन्हें पोर्टल पर दिखाया गया है और अब उन्हीं सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस चरण में नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। केवल वही अभिभावक और बच्चे इसमें शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने पहले चरण में आवेदन किया था। ऐसे अभिभावक जिन्होंने आवेदन तो किया था, लेकिन किसी कारण से अपने बच्चों का सत्यापन नहीं करा पाए थे, उन्हें एक और मौका दिया गया है। वे अपने चुने हुए जनशिक्षा केंद्र पर जाकर सत्यापन करा सकते हैं। सत्यापन में पात्र पाए जाने के बाद वे स्कूलों की पसंद (चॉइस) अपडेट कर सकेंगे।
वहीं, जिन बच्चों को पहले चरण में कोई स्कूल आवंटित नहीं हुआ था या जिन अभिभावकों ने आवंटित स्कूल में प्रवेश नहीं लिया, वे भी दूसरे चरण में अपनी पसंद बदल सकते हैं। उन्हें सलाह दी गई है कि वे उन स्कूलों का चयन करें, जहां अभी सीटें खाली हैं, ताकि प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ सके।
सत्यापन कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सभी जनशिक्षा केंद्रों पर अधिकतम दो अधिकारियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी होने पर वे विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।
दूसरे चरण की महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं
• 04 मई से 09 मई 2026: प्रथम चरण में जिनके द्वारा आवेदन लॉक किया है एवं सत्यापन हेतु शेष रहे है उनके द्वारा निकट के चुने हुए जनशिक्षा केन्द्र में जाकर सत्यापन कराना। आवेदकों द्वारा रिक्त सीटों वाले विद्यालयों की चॉइस अपडेट करना ।
• 11 मई से 16 मई 2026: स्कूलों की पसंद अपडेट करने का दूसरा अवसर
• 20 मई 2026: द्वितीय चरण हेतु ऑनलाइन लॉटरी
• 20 मई से 10 जून 2026: आवंटन उपरांत संबंधित विद्यालय में प्रवेश एवं संबंधित विद्यालय द्वारा आरटीई मोबाइल एप से
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी जरूरी कार्यवाही पूरी करें, ताकि उनके बच्चों को निःशुल्क शिक्षा
का लाभ मिल सके।
