आरोन थाना क्षेत्र से नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में पुलिस की त्वरित कार्यवाही
*अपहृता को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों पर घटित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेकर इनमें त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ़ श्रीमति दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में आरोन थाना पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र से एक किशोरी के अपहरण के मामले में तत्परता से कार्यवाही करते हुए अपहृता को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया साथ ही उसके अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 26 अप्रैल 2026 को आरोन थाने पर एक मां द्वारा अपनी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के दिनांक 24 अप्रैल 2026 से लापता होने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 111/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीवद्ध कर किशोरी की त्वरित खोजबीन शुरू की गई । पुलिस द्वारा लगातार प्रयासों के परिणाम स्वरूप दिनांक 29 अप्रैल 2026 को किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया । दस्तयाबी के पश्चात पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि राजपाल प्रजापति निवासी ग्राम डोंगर थाना जामनेर का उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ गलत काम किया । इसके बाद पुलिस ने आरोपी राजपाल प्रजापति के विरुद्ध प्रकरण में धारा 87, 64(2)(m) बीएनएस एवं 5एल/6 पॉक्सो एक्ट तथा एससीएसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं का इजाफा कर आरोपी की सरगर्मी से तलाश की गई एवं जिसकी तलाश में सतत सूचना संकलन एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मात्र 24 घंटे के भीतर ही दिनांक 30 अप्रैल 2026 को आरोपी राजपाल पुत्र भुजवल प्रजापति उम्र 23 साल निवासी ग्राम डोंगर थाना जामनेर जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया एवं जिसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया है ।
आरोन थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार, उपनिरीक्षक रविनंदन शर्मा, प्रधान आरक्षक दीपक त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र पाल, प्रधान आरक्षक राममोहन दुवे, आरक्षक राम दांगी, आरक्षक प्रताप मौर्य व महिला आरक्षक पूजा यादव एवं साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव व आरक्षक भूपेन्द्र खटीक का विशेष योगदान रहा है ।
