*अपहृत अथवा गुम नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की लगातार कार्यवाही*
जामनेर थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका की गुमशुदगी के मामले में पुलिस की सक्रिय कार्यवाही
*अपहृत बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल, संवेदनशील एवं मानवीय नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिनकी शीघ्र दस्तयाबी हेतु निरंतर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं डीएसपी मुख्यालय और प्रभारी एसडीओपी श्री जमीलउद्दीन सिद्दकी के पर्यवेक्षण में जामनेर थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज मेहरा तथा उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका की गुमशुदगी के मामले में सक्रियता से कार्यवाही करते हुए बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 04 अप्रैल 2026 को एक मां की ओर से अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के दिनांक 03 अप्रैल 2026 से लापता होने की रिपोर्ट जामनेर थाने पर दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 45/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर किशोरी की तलाश शुरू की गई ।
जामनेर थाना पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग बालिका की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई जिससे संकलित सूचनाओं के आधार पर सभी संभावित जगहों पर बालिका को खोजने के सघन प्रयास किए गए । जिसकी तलाश के क्रम में विगत् दिवस बालिका के संबंध में पुलिस को सटीक जानकारी मिलने पर जामनेर थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए अंतत: बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत गत् दिनांक 09 मई 2026 को उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
जामनेर थाना पुलिस की इस सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज मेहरा, उपनिरीक्षक हेमेन्द्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक प्रवेन्द्र सिंह भदौरिया, आरक्षक पंजाब सिंह गुर्जर, आरक्षक गजेन्द्र सिंह गुर्जर एवं महिला आरक्षक पूनम भार्गव की विशेष भूमिका रही है ।
