*अवैध शराब निर्माण के विरूद्ध गुना पुलिस का करारा प्रहार*
धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम मुरादपुर में दबिश देकर अवैध शराब के विरूद्ध बड़ी कार्यवाही को दिया अंजाम
*5000 लीटर लहान सहित शराब निर्माण में उपयोगी भट्टियां व अन्य सामग्री का नष्टीकरण, 105 लीटर कच्ची शराब जप्त*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नशे के विरूद्ध निर्णायक अभियान चलाकर नशा माफियाओं, तस्करों, अवैध कारोबारियों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निरंतर, कठोर एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ़ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में धरनावदा थाना पुलिस द्वारा द्वारा थाना क्षेत्र के ग्राम मुरादपुर में अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी एवं महत्वपूर्ण कार्यवाही को अंजाम दिया गया है ।
धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम मुरादपुर में पारदी समुदाय के कुछ लागों के द्वारा अवैध शराब निर्माण किए जाने की लगातार प्राप्त हो रहीं सूचनाओं को गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती वासल द्वारा गंभीरता से लेते हुए शराब माफियाओं पर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए गए ।
निर्देशों के पालन में गत दिनांक 31 मई 2026 को शाम के समय धरनावदा थाना पुलिस द्वारा शराब माफियाओं पर कार्यवाही हेतु मुरादपुर में दबिश देकर पारदियों के डेरों के आसपास सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया । इस दौरान छोटे-बड़े कई ड्रमों में करीब 5,000 लीटर लहान, शराब निर्माण में प्रयुक्त भट्टियां एवं अन्य उपयोगी सामग्री बरामद हुई । इसके अतिरिक्त मौके से हाथभट्टी पर निर्मित कुल 105 लीटर कच्ची शराब भी बरामद हुई ।
मौके से बरामद करीब 05 लाख मूल्य के 5,000 लीटर लहान का विधिवत नष्टीकरण किया गया । साथ ही शराब निर्माण में उपयोगी भटिटयों एवं बरामद अन्य सामग्री को भी नष्ट किया गया तथा बरामद 105 लीटर अवैध कच्ची शराब को विधिवत जप्त कर शराब के इस अवैध कारोबार में संलिप्त अज्ञात आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई ।
अवैध शराब के विरुद्ध इस उल्लेखनीय कार्यवाही में धरनावदा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रूहिल शर्मा, झागर चौकी प्रभारी सउनि अनिल कदम, प्रधान आरक्षक धीरेन्द्र सेंगर, प्रधान आरक्षक कल्याण सिंह, आरक्षक नीरज शर्मा, आरक्षक रघुकुल मिश्रा, आरक्षक सत्येन्द्र गुर्जर, आरक्षक सचिन तोमर, आरक्षक साबिर खांन, आरक्षक ऋषिकेश शर्मा, आरक्षक विनीत लोधी, आरक्षक कपिल ओझा, आरक्षक पवन शर्मा एवं सैनिक सुखलाल नायक का विशेष योगदान रहा है ।
