स्वरोजगार योजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर सख्त, खराब प्रदर्शन वाले बैंकों को चेतावनी
एसबीआई में अधिक लंबित प्रकरणों पर जताई नाराजगी, एलडीएम को जवाबदेही तय करने के निर्देश
गुना। जिले में संचालित स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार समिति (DLCC) की बैठक में बैंकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना की समीक्षा के दौरान एसबीआई में लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक पाए जाने पर कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस स्थिति में तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य केवल पूरा करने के लिए नहीं होते, बल्कि उससे बेहतर परिणाम देने का प्रयास होना चाहिए।
लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण करें
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा लोन, बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा निरस्त मामलों की पुनः समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र आवेदकों को ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कमजोर प्रगति वाले बैंकों की जवाबदेही तय होगी
बैठक में कलेक्टर ने एलडीएम को निर्देश दिए कि जिन बैंकों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें औपचारिक पत्र जारी कर कारण पूछा जाए तथा योजनाओं में अपेक्षित प्रदर्शन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही या अनावश्यक लंबित प्रकरण प्रशासन गंभीरता से लेगा।
सफल हितग्राहियों को मंच पर लाने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी बैठकों में ऐसे हितग्राहियों को आमंत्रित किया जाए, जिनके जीवन में स्वरोजगार योजनाओं से सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण अन्य पात्र लोगों को भी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। बैठक में बताया गया कि स्ट्रीट वेंडरों एवं पॉलीहाउस परियोजनाओं के लिए भी ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
कलेक्टर श्री कन्याल ने सभी संबंधित विभागों और बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा लक्ष्य पूर्ति में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए, ताकि जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ प्राप्त हो।
आज बैठक के दौरान मुख्य कार्यपद अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे सहित बैंकर्स उपस्थित रहे।बैठक के अंत में विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शाखा प्रबंधकों को सम्मानित भी किया गया।
