मकरावदा डेम के ठेके व मछली पकड़ने के विवाद में दो पक्षों के बीच हिंसक घटनाक्रम में गुना पुलिस की तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही
*दोनों पक्षों के विरूद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों में कुल 05 आरोपी गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा बरामद*
*अपराधियों पर गुना पुलिस की सख्त कार्यवाही, कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु गुना पुलिस प्रतिबद्ध*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु निरंतर प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं सीएसपी गना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्ष्ण में गुना कोतवाली पुलिस द्वारा शहर के ईदगाहबाड़ी क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुए जानलेवा हमले के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी करते हुए दोनों प्रकरणों में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 15 जून 2026 को फरियादी लक्ष्मण पुत्र रतनलाल केवट उम्र 45 वर्ष निवासी हड्डीमील गुना ने जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान पुलिस को रिपोर्ट करते हुए बताया था कि मकरावदा डेम तालाब के ठेके को लेकर पुरापोसर निवासी रज्जन केवट के पुत्रों महादेव केवट, नरेश केवट, देवदास केवट एवं धर्मेश केवट से उसकी पुरानी रंजिश चल रही थी । उक्त रंजिश के चलते आाज शाम ईदगाह बाड़ी क्षेत्र में महादेव केवट, नरेश उर्फ बाटी, देवू उर्फ देवदास केवट, धर्मेश केवट, घनश्याम केवट एवं गज्जू केवट ने उसका रास्ता रोककर डंडों, लात-घूंसों एवं पत्थरों से मारपीट की । इसी दौरान आरोपी महादेव केवट ने उसे जान से मारने की नियत से उस पर कट्टे से फायर किये, जिससे उसके कंधे एवं गर्दन में गंभीर चोटें आईं । जिसकी रिपोर्ट पर से आरोपीगणों के विरूद्ध गुना कोतवाली थाना में अप.क्र. 313/26 धारा 109(1), 126(2), 296(ए), 115(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
इसी घटना के संबंध में दूसरे पक्ष से नरेश केवट निवासी पुरपोसर ने भी जिला चिकित्सालय में उपचाररत अवस्था में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मकरावदा डेम में मछली पकड़ने को लेकर विवाद के दौरान लक्ष्मण केवट, प्रेमनारायण उर्फ कल्लू केवट, सिम्भू उर्फ अमर सिंह केवट एवं छुट्ट केवट ने उसका एवं उसके भाई धर्मेश का रास्ता रोककर फरसा, लाठी आदि हथियारों से मारपीट की । उक्त रिपोर्ट पर से आरोपीगण लक्ष्मण केवट, प्रेमनारायण उर्फ कल्लू केवट, सिम्भू उर्फ अमर सिंह केवट एवं छुट्ट केवट के विरूद्ध गुना कोतवाली में अप.क्र. 314/26 109(1), 126(2), 296(ए), 115(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
दोनों ही प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए गुना कोतवाली पुलिस द्वारा तत्काल विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई । इसमें पुलिस के सतत प्रयासों एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से दिनांक 16 जून 2026 को अपराध क्रमांक 313/26 में दो आरोपियों 1-महादेव पुत्र रज्जन केवट एवं 2-देवू उर्फ देवदास केवट निवासीगण पुरापोसर को गिरफ्तार कर लिया गया । पूछताछ एवं तलाशी के दौरान आरोपियों से घटना में प्रयुक्त अवैध कट्टा भी बरामद किया गया । आरोपी महादेव केवट से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि उक्त कट्टा उसे प्रेमनारायण उर्फ कल्लू केवट निवासी सकतपुर रोड गुना द्वारा उपलब्ध कराया था । इस महत्वपूर्ण खुलासे के आधार पर कल्लू केवट को भी अपराध क्रमांक 313/26 में आरोपी शुमार किया गया ।
इसके उपरांत आज दिनांक 17 जून 2026 को अपराध क्रमांक 314/26 में भी दो आरोपियों 1-सिम्भू उर्फ अमर सिंह पुत्र राजाराम केवट निवासी ढीमर मोहल्ला गुना एवं 2-प्रेमनारायण उर्फ कल्लू पुत्र महेश केवट निवासी सकतपुर रोड गुना को गिरफ्तार किया गया । चूंकि आरोपी कल्लू केवट द्वारा दूसरे प्रकरण के मुख्य आरोपी महादेव केवट को अवैध कट्टा उपलब्ध कराया जाना भी पाया गया, इसलिए उसे दोनों प्रकरणों में वैधानिक रूप से गिरफ्तार किया गया है ।
गुना पुलिस द्वारा प्रकरणों के शेष आरोपियों की गिरफ्तारी एवं विस्तृत विवेचना हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं । अवैध हथियारों की उपलब्धता एवं उपयोग के संबंध में भी गहन जांच जारी है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी ।
गुना कोतवाली पुलिस की इस तत्पर कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा, सउनि देवनारायण शर्मा, प्रधान आरक्षक दीपक तोमर, प्रधान आरक्षक अमित मिश्रा, आरक्षक जितेन्द्र वर्मा, आरक्षक रतन सिंह, आरक्षक चंद्रकुमार शर्मा, आरक्षक प्रकाश ग्वाल, आरक्षक राजवीर सिंह एवं अन्य थाना स्टॉफ की सराहनीय भूमिका रही है ।
गुना पुलिस स्पष्ट करती है कि जिले में किसी भी प्रकार की हिंसात्मक, आपराधिक एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष एवं कठोर कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी ।
