बमौरी थानांतर्गत नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही
*मात्र 10 घंटे के भीतर ही आरोपी गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल एवं संवेदनशील नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों एवं महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधो को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए इन मामलों में त्वरित, सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में बमौरी थाना पुलिस द्वारा थानांतर्गत नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के गंभीर मामले में तत्परता का परिचय देते हुए मात्र 10 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।
उल्लेखनीय है कि गत दिनांक 09 जून 2026 को बमौरी थाने पर 15 वर्षीय एक नाबालिग बालिका द्वारा उसके साथ परसराम भील निवासी ग्राम साजरवाड़ा के द्वारा पिछले 06 माह से गलत काम किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिस पर से पुलिस ने आरोपी परसराम भील के विरुद्ध अप.क्र. 130/26 धारा 64(1), 64(2)(f), 64(2)(m), 351(2) बीएनएस एवं 5(l), 5(n), 6, 3, 4 पॉक्सो के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा आरोपी की शीघ गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए । निर्देशों के परिपालन में बमौरी थाना पुलिस आरोपी की तलाश में सक्रियता से जुट गई और इस हेतु अपने मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के सघन प्रयास किए गए । जिसके परिणाम स्वरूप घटना की रिपोर्ट के मात्र 10 घंटे के भीतर ही गत दिनांक 09 जून को रात्रि में आरोपी के संबंध में मुखबिर से प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी परसराम पुत्र रमेश भील उम्र 26 साल निवासी ग्राम साजरवाड़ा थाना बमौरी जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत आज दिनांक 10 जून 2026 को आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया ।
बमौरी थाना पुलिस की इस सफल और त्वरित कार्यवाही में बमौरी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया, उपनिरीक्षक रचना खत्री, प्रधान आरक्षक बालस्वरूप धाकड़, आरक्षक रवि गुर्जर, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिंह, आरक्षक संजय जाट, आरक्षक माखन चौधरी, आरक्षक मनोज कश्यप, आरक्षक महेन्द्र पटेलिया एवं महिला आरक्षक रीनू निगवाल की विशेष भूमिका रही है ।
