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सड़क सुरक्षा जनजागरूकता की दिशा में गुना यातायात पुलिस का प्रभावी कदम

 सड़क सुरक्षा जनजागरूकता की दिशा में गुना यातायात पुलिस का प्रभावी कदम


*गुना पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों को यातायात नियमों, जीवन रक्षा एवं सड़क सुरक्षा का दिया गया व्यवहारिक संदेश*


*युवाओं को बनाया सड़क सुरक्षा अभियान का सहभागी, योजनाओं एवं कानूनी प्रावधानों की दी विस्तृत जानकारी*



             गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के दिशा निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मान सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं डीएसपी यातायात श्री मुकेश कुमार दीक्षित के पर्यवेक्षण में गुना यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा एवं जनजागरूकता को लेकर सतत अभियान संचालित किया जा रहा है । इसी क्रम में आज दिनांक 31 मई 2026 को यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक श्री अजयप्रताप सिंह द्वारा गुना के पी.जी. कॉलेज में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता हेतु सेमीनार का आयोजन किया गया ।


           इस जन जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने सहभागिता की गई । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें जिम्मेदार नागरिक एवं सड़क सुरक्षा के प्रेरक के रूप में तैयार करना रहा ।


               कार्यक्रम के दौरान यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक श्री अजयप्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा वर्ग केवल समाज का भविष्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम भी है । विशेष रूप से बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थी सामाजिक कार्यों से जुड़े होने के कारण समाज में जागरूकता फैलाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं । विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें ।


               विद्यार्थियों को बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है । सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या उन लोगों की होती है जो सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करते । सड़क दुर्घटना केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि पूरे परिवार को मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से प्रभावित कर देती है । प्रतिवर्ष हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं तथा लाखों घायल होते हैं, जिनमें 20 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लोग सर्वाधिक प्रभावित रहते हैं ।


              जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सुरक्षित वाहन संचालन के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई । उन्हें तेज गति से वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, सुरक्षित ओवरटेक करने, अंधे मोड़ों पर गति नियंत्रित रखने, यातायात संकेतों एवं नियमों का पालन करने तथा दोपहिया वाहन पर तीन सवारी न बैठाने के संबंध में व्यवहारिक एवं उपयोगी सुझाव दिए गए एवं स्पष्ट किया कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय सजगता और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है ।


               कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क दुर्घटना से संबंधित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई । केंद्र सरकार की कैशलेस उपचार योजना के बारे में बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति चाहे फरियादी हो, आरोपी हो अथवा कोई अन्य नागरिक, उसे दुर्घटना के बाद अस्पताल में प्रारंभिक उपचार हेतु 1.5 लाख रूपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिसका संपूर्ण व्यय शासन द्वारा वहन किया जाता है । इसके साथ ही राहवीर योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में सहायता करता है, तो शासन द्वारा उसे 25,000 रूनये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाती है । हिट एंड रन क्षतिपूर्ति योजना के बारे में बताया कि अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति को 50,000 तथा मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को 2,00,000 की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है ।


                      कार्यक्रम के समापन अवसर पर यातायात थाना प्रभारी द्वारा उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति सदैव जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई ।

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