स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नवाचारपूर्ण प्रयास करें – कलेक्टर श्री कन्याल
गुना,
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल द्वारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे, डीपीएम एनआरएलएम श्रीमती सोनू सुशील यादव, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) श्री अजय पाल सिंह राजपूत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि समूहों की गतिविधियों को अधिक प्रभावी एवं परिणाममुखी बनाते हुए अधिक से अधिक महिलाओं को आजीविका से जोड़ा जाए।
कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि जिले के उत्कृष्ट एवं सफल स्व-सहायता समूहों की पहचान कर उनकी उपलब्धियों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि समूहों को प्राप्त वित्तीय सहायता, निवेशित व्यवसाय तथा उससे प्राप्त आय एवं लाभ की जानकारी समूह के सभी सदस्यों के समक्ष पारदर्शी रूप से साझा की जाए, जिससे अन्य समूह भी प्रेरित होकर बेहतर कार्य कर सकें।
कलेक्टर ने कहा कि सफल आजीविका मॉडलों को अन्य समूहों तक पहुंचाकर महिलाओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए। साथ ही रात्रि चौपाल में भी आदर्श के रूप में स्व सहायता समूह के नवाचारों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाये ताकि अन्य महिलाएं भी कार्य के लिए प्रेरित हो सकें।
बैठक में ‘‘लखपति दीदी’’ की भी समीक्षा गई। कलेक्टर श्री कन्याल ने जिले की 36 हजार से अधिक लखपति दीदियों में से शीर्ष 50 महिलाओं की पहचान कर उनकी सफलता की कहानियों का संकलन एवं प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं के अनुभव अन्य समूहों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे तथा आजीविका गतिविधियों के विस्तार में सहायक होंगे।
कलेक्टर श्री कन्याल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अब केवल एक लाख रुपये वार्षिक आय तक सीमित न रहकर महिलाओं की आय को पांच लाख रुपये तथा दस लाख रुपये वार्षिक तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाए।
बैठक के दौरान डीपीएम एनआरएलएम श्रीमती सोनू सुशील यादव ने जिले में संचालित स्व-सहायता समूहों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में 10,400 स्वयं सहायता समूह (SHG), 1,050 ग्राम संगठन (VO) तथा 30 संकुल स्तरीय संघ (CLF) सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने समूहों की संरचना, संचालन व्यवस्था तथा आजीविका गतिविधियों की प्रगति से अवगत कराया।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन एवं महिला सशक्तिकरण की गतिविधियों की नियमित समीक्षा हेतु प्रत्येक माह बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे प्रत्येक बैठक में नए विचारों, नवाचारों एवं प्रभावी योजनाओं के साथ उपस्थित हों, ताकि जिले की अधिकाधिक महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा सके।
