गुना के अपर कलेक्टर न्यायालय ने प्रकरण निराकरण में पूरे मध्यप्रदेश में प्राप्त की तीसरी रैंक
सप्ताह में 3 दिन नियमित सुनवाई और त्वरित आदेशों से संभव हुआ बेहतर प्रदर्शन
गुना
राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्ध निराकरण की दिशा में गुना जिले ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शासन द्वारा 24 जुलाई 2026 को जारी प्रकरण निराकरण प्रतिवेदन के अनुसार गुना जिले के अपर कलेक्टर न्यायालय ने पूरे मध्यप्रदेश में प्रकरण डिस्पोजल में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
अपर कलेक्टर न्यायालय गुना में मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, नामांतरण, बंटवारा, विवाह पंजीयन, आंगनवाड़ी नियुक्ति की अपील,लोक सेवा गारंटी की अपील,सूचना का अधिकार की अपील तथा अन्य राजस्व एवं प्रशासनिक प्रकरणों की सुनवाई की जाती है। प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से न्यायालय द्वारा प्रत्येक सप्ताह 3 दिन नियमित रूप से सुनवाई के लिए निर्धारित किए गए हैं।
सुनवाई तिथि के पूर्व सुनिश्चित किया जाता है कि अधीनस्थ न्यायालयों से मूल अभिलेख और उत्तरवादीगण को जारी नोटिस तामील होकर नियत दिनांक तक पावती आ जाए। इसके लिए टेबल प्रारूप विकसित किया गया है। पक्षकारों के मोबाइल नंबर उपलब्ध होने पर उन्हें फोन करके भी प्रकरण की सूचना दी जाती है। इसी अनुशासन और नियमित बैठकों के कारण बड़ी संख्या में प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण संभव हो पाया है।
निजी भूमि के राजस्व अभिलेखों में 5 वर्ष से पुरानी त्रुटि को सुधारने की अनुमति देने हेतु भी तहसीलों से प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय में प्राप्त होते है,जिनमें यथासंभव 15 दिन के अंदर अनुमति दे दी जाती है या कोई कमियां होने पर पूर्ति हेतु वापिस कर दिया जाता है।
अपर कलेक्टर श्री अखिलेश कुमार जैन ने बताया कि rcms पोर्टल पर अपर कलेक्टर न्यायालय गुना में कुल 307 प्रकरण पंजीकृत थे, जिनमें से 268 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। इस प्रकार न्यायालय का निराकरण प्रतिशत 87.30% रहा है।
इस उपलब्धि पर कलेक्टर गुना श्री किशोर कन्याल ने अपर कलेक्टर एवं न्यायालयीन स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि आमजन को उनके प्रकरणों में त्वरित और न्यायसंगत निराकरण मिले। गुना जिला प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों को भी इसी गति से निपटाकर जिले को प्रथम स्थान पर लाने का प्रयास किया जाए।
प्रदेश स्तर पर पांढुर्णा 93.33% के साथ प्रथम एवं भोपाल 88.64% के साथ द्वितीय स्थान पर रहा। कलेक्टर ने आमजन से भी अपील की है कि वे अपने प्रकरणों के संबंध में समय पर उपस्थित होकर न्यायालय को सहयोग प्रदान करें, जिससे निराकरण की प्रक्रिया और तेज हो सके।
