फील्ड अनुभव और प्रशिक्षण का समन्वय ही बेहतर सेवा का आधार – कलेक्टर श्री कन्याल
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के छह दिवसीय इंडक्शन प्रशिक्षण का समापन
गुना
जिले में नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित छह दिवसीय इंडक्शन प्रशिक्षण का शनिवार को समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने सहभागिता करते हुए कहा कि फील्ड अनुभव के बाद दिया गया प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं को वास्तविक परिस्थितियों को समझने, समस्याओं का प्रभावी समाधान करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में अधिक दक्षता के साथ कार्य करने के लिए सक्षम बनाता है। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली कार्यकर्ताओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा कलेक्टर ने प्रशिक्षण के दौरान तैयार की गई प्रदर्शनी एवं मेलावाल विकास की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
प्रशिक्षण ने बढ़ाया आत्मविश्वास, कार्यकर्ताओं ने साझा किए अनुभव
समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। उर्मिला परिहार ने बताया कि पहले उनके आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति कम रहती थी, लेकिन निरंतर प्रयासों से स्थिति में सुधार आया। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त नई जानकारियां अब उनके फील्ड कार्य को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।
पूजा बंजारा ने कहा कि पहले फील्ड कार्य के दौरान अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन प्रशिक्षण से मिली जानकारी के बाद अब वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगी। रेनू शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के साथ-साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई, जिससे हितग्राहियों का बेहतर मार्गदर्शन किया जा सकेगा।
संगीता भिलाला ने कहा कि प्रशिक्षण से पहले फील्ड कार्य को लेकर कई संशय थे, जो अब दूर हो गए हैं। अब वे लोगों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर उनका प्रभावी समाधान करने में स्वयं को सक्षम महसूस कर रही हैं।
फील्ड अनुभव के बाद प्रशिक्षण से बेहतर होती है समझ : कलेक्टर
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि प्रशिक्षण की दोनों व्यवस्थाओं के अपने-अपने लाभ हैं। एक व्यवस्था में पहले प्रशिक्षण देकर कार्यकर्ताओं को फील्ड में भेजा जाता है, जबकि दूसरी व्यवस्था में पहले फील्ड का अनुभव प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षण कराया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मॉडल अधिक व्यवहारिक है, क्योंकि फील्ड में कार्य करते समय आने वाली समस्याओं, जिज्ञासाओं और चुनौतियों को कार्यकर्ता प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों के समक्ष रख पाते हैं। इससे उनकी शंकाओं का प्रभावी समाधान होता है और वे दोबारा फील्ड में लौटने पर अधिक आत्मविश्वास, दक्षता एवं बेहतर समझ के साथ सेवाएं प्रदान कर पाते हैं।
गर्भावस्था से ही शुरू हो जाता है बच्चे का विकास
कलेक्टर ने कहा कि बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास गर्भावस्था के दौरान ही प्रारंभ हो जाता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं की समुचित देखभाल, जन्म के बाद बच्चों को संतुलित पोषण तथा प्रारंभिक शिक्षा के दौरान उनकी जिज्ञासाओं को सही दिशा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी अच्छे समाज के निर्माण के लिए दो आधार सबसे महत्वपूर्ण हैं— स्वास्थ्य और शिक्षा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन दोनों क्षेत्रों की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
प्रमाण-पत्र वितरण एवं प्रदर्शनी का अवलोकन
समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान तैयार की गई प्रदर्शनी एवं मेलावाल विकास की प्रदर्शनी का कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने अवलोकन किया तथा प्रशिक्षण के दौरान किए गए नवाचारों और प्रदर्शित गतिविधियों की सराहना की।
उक्त प्रशिक्षण में जिले की विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत प्रथम चरण में नवनियुक्त 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति, लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का महत्व, संपर्क एवं पोषण ट्रैकर एप की कार्यप्रणाली एवं संचालन, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय पोषण मिशन सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियों, केंद्र संचालन की प्रक्रिया एवं क्षमता संवर्धन संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री दिनेश चंदेल, सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर, सहायक संचालक श्री रिशु सुमन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
