थैलेसीमिया विशेषज्ञ चिकित्सक शिविर की व्यवस्थाओं का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
मेदांता की विशेषज्ञ टीम ने सराहा आयोजन, बताया अब तक का सबसे बेहतर शिविर
गुना
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा रेडक्रॉस भवन, जिला चिकित्सालय गुना में आयोजित निःशुल्क थैलेसीमिया विशेषज्ञ चिकित्सक शिविर का गुरुवार को कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने निरीक्षण किया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन, स्क्रीनिंग एवं काउंसलिंग सहित शिविर की सभी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद किया। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से चर्चा कर उपचार एवं परामर्श की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
रजिस्ट्रेशन से काउंसलिंग तक हर व्यवस्था का लिया जायजा
कलेक्टर श्री कन्याल ने सबसे पहले रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद स्क्रीनिंग काउंटर पर पहुंचकर मरीजों की जांच प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा चिकित्सकों से चर्चा की। जिन मरीजों में थैलेसीमिया की आशंका थी, उन्हें आवश्यक जांच कराने के निर्देश दिए गए। काउंसलिंग काउंटर पर उन्होंने यह भी जाना कि मरीजों एवं उनके परिजनों को बीमारी, उपचार, आवश्यक सावधानियों तथा उनकी शंकाओं का समाधान किस प्रकार उपलब्ध कराया जा रहा है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की व्यवस्थाओं की सराहना
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मेदांता अस्पताल से आई विशेषज्ञ चिकित्सक टीम से चर्चा की। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने शिविर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह अब तक आयोजित शिविरों में सबसे बेहतर एवं सुव्यवस्थित शिविर है, जहां मरीजों को समुचित जांच, परामर्श और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
बच्चों और परिजनों से किया संवाद
कलेक्टर श्री कन्याल ने थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मेजर थैलेसीमिया का उपचार लंबी अवधि तक चलता है और इसमें काफी आर्थिक व्यय भी आता है। ऐसे में इस प्रकार के विशेषज्ञ शिविर मरीजों एवं उनके परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस शिविर का लाभ गुना जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों के मरीजों को भी मिलेगा।
बच्चों का उपचार हमारी प्राथमिकता
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि इस पूरे अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि थैलेसीमिया से पीड़ित प्रत्येक बच्चे को समय पर बेहतर उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श मिल सके। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की इसमें कोई गलती नहीं होती है, इसलिए समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि ये बच्चे हमारे देश और प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। यदि समय पर उपचार और उचित देखभाल मिले तो वे स्वस्थ जीवन जीते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
