अपनी ग्रोथ स्टोरी लिखें, नवाचारों को सामने लाएं और आयुष का नाम रोशन करें” – कलेक्टर
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे आयुष चिकित्सा की सेवाएं, उपचार के अनुभवों और नवाचारों का करें प्रचार-प्रसार
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने आज आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि आयुष विभाग सरकार का एक महत्वपूर्ण विभाग है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि जिले में आयुष चिकित्सा पद्धति की पहचान और अधिक मजबूत हो तथा अधिक से अधिक लोग आयुष पद्धति से उपचार के प्रति जागरूक हों। उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य यही है कि आयुष का जिले में नाम हो और आयुष चिकित्सा का दायरा निरंतर बढ़े। बैठक में जिला आयुष अधिकारी डॉ. जी.एस. गनावे सहित आयुष विभाग के चिकित्सकगण उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने चिकित्सकों से संवाद करते हुए पूछा कि वर्तमान में आयुष चिकित्सा का दायरा किस प्रकार बढ़ रहा है और प्रतिदिन ओपीडी में कितने मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने चिकित्सकों से उनके उपचार संबंधी अनुभव भी जाने तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा की।
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति की जानकारी लोगों तक केवल अस्पतालों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। शिविरों के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद, योग, यूनानी एवं होम्योपैथी जैसी आयुष पद्धतियों के लाभों से अवगत कराया जाए तथा आवश्यकतानुसार उपचार भी उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि “आप अपने उपचार के अनुभवों और नवाचारों को सामने लाएं। आपने किन मरीजों का किस प्रकार उपचार किया और उससे क्या परिणाम मिले, इसकी जानकारी संकलित करें। अपनी ग्रोथ स्टोरी लिखें, ताकि सफल उपचार के अनुभव अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी बन सकें।”
कलेक्टर ने कहा कि आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर उपचार के लिए निरंतर रिसर्च और नवाचार की आवश्यकता है। चिकित्सक अपने अनुभवों के आधार पर यह अध्ययन करें कि किस प्रकार मरीजों को और बेहतर उपचार दिया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार के दौरान सामने आने वाले अनुभवों को भी संकलित किया जाए तथा सफल उपचार के अनुभव मरीजों के माध्यम से साझा कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों का प्रचार-प्रसार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि किसी आयुष चिकित्सक द्वारा कोई बेहतर उपचार पद्धति, नवाचार अथवा प्रभावी पहल की गई है तो उसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, जिससे अन्य लोग भी आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक हो सकें।
कलेक्टर श्री कन्याल ने आगामी मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में भी आयुष विभाग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान आयुष विभाग द्वारा शिविर आयोजित कर लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ आयुष पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जाए।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने चिकित्सकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। “हमारा लक्ष्य केवल ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों का आयुष चिकित्सा पर विश्वास बढ़ाना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के चिकित्सक अपने अनुभव, नवाचार और सफल उपचार को साझा करें तथा जिले में आयुष चिकित्सा की प्रभावी पहचान बनाने के लिए मिलकर कार्य करें।
