*महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति गुना पुलिस की प्रतिबद्धता, आरोपियों के विरुद्ध कठोर एवं वैधानिक कार्यवाही जारी*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनके विरुद्ध घटित अपराधों के प्रति संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं प्रभारी सीएसपी गुना श्री आनंद राय के पर्यवेक्षण में गुना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और उनकी टीम द्वारा थानांतर्गत एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।
दिनांक 17 जुलाई 2026 को गुना कोतवाली में 17 वर्षीय एक नाबालिग बालिका द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि वर्ष 2024 में उसकी यश प्रजापति नाम के युवक से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई, इसके बाद यश प्रजापति ने उससे शादी का झांसा देकर उससे शारिरिक संबंध बनाए एवं उनकी निजी गतिविधियों के फोटो लिए एवं फोटो परिवारजनों को दिखाने की धमकी देकर उसके साथ कई बार गलत काम किया । साथ ही ब्लेकमेल करते हुए अलग-अलग दिनों में उससे कुल 1.50 लाख रूपये लिए गए । जिसकी रिपोर्ट पर से आरोपी यश प्रजापति के विरुद्ध गुना कोतवाली में अप.क्र. 393/26 धारा 64(2)(m), 308(2), 351(3) बीएनएस एवं 5L/6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए गुना कोतवाली थाना पुलिस द्वारा आरोपी की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपने मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के सघन प्रयास किए गए । जिसके परिणाम स्वरूप आज दिनांक 04 जुलाई 2026 को आरोपी के संबंध में मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्यवाही करते हुए फरार आरोपी यश उर्फ छोटू प्रजापति उम्र 22 साल निवासी तलैया मौहल्ला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया ।
गुना कोतवाली थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा, उपनिरीक्षक चंचल तिवारी, प्रधान आरक्षक दिग्लेश धाकड़, प्रधान आरक्षक रामकुमार शर्मा, आरक्षक महेन्द्र जाटव एवं आरक्षक रवि यादव की विशेष भूमिका रही है ।