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आयुक्‍त श्री खत्री और कलेक्‍टर श्री कन्याल ने किसान के खेत का किया भ्रमण, खेती की तकनीक और बाजार व्यवस्था की ली जानकारी

 आयुक्‍त श्री खत्री और कलेक्‍टर श्री कन्याल ने किसान के खेत का किया भ्रमण, खेती की तकनीक और बाजार व्यवस्था की ली जानकारी

पपीते की खेती से विशाल ने बढ़ाई आमदनी, एक एकड़ में 5 से 6 लाख तक शुद्ध मुनाफा


गुना  

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत संभागीय आयुक्‍त श्री मनोज खत्री एवं कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने शुक्रवार को बमोरी के ग्राम लोधापुरा पहुंचकर किसान श्री विशाल पाटिल के पपीते के खेत का भ्रमण किया। आयुक्‍त श्री खत्री ने किसान से पपीते की खेती में लगने वाली लागत, उत्पादन, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण और बाजार व्यवस्था की जानकारी ली। किसान ने बताया कि वह 3 एकड़ में पपीते की खेती कर रहे हैं और एक एकड़ से लगभग 10 से 11 लाख रुपए की सकल प्राप्ति के बाद 3 से 4 लाख रुपए लागत निकालकर लगभग 5 से 6 लाख रुपए तक शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रहे हैं।

वैज्ञानिक खेती से बढ़ रही किसानों की आमदनी

आयुक्‍त श्री मनोज खत्री ने किसान श्री विशाल पाटिल की पपीते की खेती का अवलोकन करते हुए कहा कि किसानों द्वारा पारंपरिक फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक, बेहतर फसल प्रबंधन और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसान अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने विशाल पाटिल द्वारा अपनाई जा रही खेती को अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी बताया।

कलेक्टर ने किसान से जानी खेती की बारीकियां

कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने भी किसान श्री विशाल पाटिल से पपीते की खेती में अपनाई जा रही तकनीकों, उत्पादन एवं बाजार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में उद्यानिकी आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने किसानों से परंपरागत फसलों के साथ लाभकारी उद्यानिकी फसलों को अपनाने का आह्वान किया।

3 एकड़ में पपीते की खेती, बेहतर मुनाफे की उम्मीद

किसान श्री विशाल पाटिल ने बताया कि पपीते की खेती से एक एकड़ में लगभग 10 से 11 लाख रुपए की सकल प्राप्ति होती है, जबकि करीब 3 से 4 लाख रुपए लागत आती है। इस प्रकार एक एकड़ में लगभग 5 से 6 लाख रुपए तक शुद्ध मुनाफा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सिंचाई, पोषण प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण एवं नियमित फसल निगरानी के कारण फसल का उत्पादन बेहतर प्राप्त हो रहा है।

भ्रमण के दौरान एसडीएम गुना श्रीमती शिवानी पांडे, उप संचालक उद्यान श्री के.पी.एस. किरार, उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

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