खाद की कालाबाजारी पाये जाने पर एफआईआर कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें – कलेक्टर श्री कन्याल
गुना जिला कृषि के लिए अनुकूल, पारंपरिक खेती के साथ हार्टीकल्चर एवं फसल विविधीकरण अपनाएं किसान
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा सहित किसान संघ के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि गुना जिला कृषि के लिए अनुकूल है। यहां की जलवायु एवं मिट्टी कृषि के लिए उपयोगी है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ हार्टीकल्चर एवं फसल विविधीकरण की ओर भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने गर्मी के मौसम में भी हरियाली बनाए रखने वाली फसलों के संबंध में जानकारी ली। उप संचालक कृषि ने बताया कि गर्मी के मौसम में उड़द की फसल किसानों के लिए लाभदायक हो सकती है।
कलेक्टर श्री कन्याल ने खाद की कालाबाजारी एवं ब्लैक में खाद वितरण के मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी खाद की कालाबाजारी अथवा ब्लैक में वितरण की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना उपलब्ध कराई जाए। ऐसी शिकायतों पर कृषि विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराना सुनिश्चित करे। उन्होंने नकली बीज के विरुद्ध भी सतत कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक के प्रारंभ में उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा ने जिले में खाद की उपलब्धता एवं वितरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में जिले में डीएपी की रैक प्राप्त हुई है, जिसे जिले की 22 सहकारी समितियों एवं डबल लॉक केंद्रों पर भंडारित कर ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। निजी विक्रेताओं के माध्यम से भी निर्धारित अनुपात में उर्वरक का वितरण ई-टोकन के जरिए किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि किसान प्रतिदिन सुबह 10 बजे पोर्टल पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी देखकर डीएपी बुक कर सकते हैं। सहकारी समिति के सदस्य अपनी संबंधित समिति से ई-टोकन बुक कर सकते हैं, जबकि जिले का कोई भी किसान डबल लॉक केंद्र अथवा निजी विक्रेता से डीएपी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि आज लगभग 900 किसानों द्वारा ई-टोकन के माध्यम से डीएपी बुक कराया गया है।
उप संचालक कृषि ने किसानों से डीएपी के साथ उपलब्ध एनपीके उर्वरक का भी उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में एनपीके उपलब्ध है। आगामी रबी सीजन की फसलों के लिए किसान एनपीके की अग्रिम बुकिंग एवं उठाव कर ई-विकास प्रणाली का लाभ ले सकते हैं।
